मेरठ में बनेगा यूपी  का पहला 10 मंजिला ज्वेलरी पार्क

 आधुनिक सुविधाओं से बढ़ेगा व्यापार, शहर को मिलेगी नई पहचान

 वेदव्यासपुरी क्षेत्र में 3.6 हेक्टेयर भूमि पर होगा निर्माण, 300 करोड़ रुपये आएगी लागत

आधुनिक सुविधाओं से युक्त पार्क में हॉलमार्किंग लैब भी होगी

मेरठ। लाइट वेट ज्वेलरी के गढ़ मेरठ काे अब बड़ी पहचान मिलने वाली है। एशिया के प्रमुख सराफा बाजार में शामिल यहां के सराफा बाजार को उन्नत बनाने के लिए ज्वेलरी पार्क बनने जा रहा है। वेदव्यासपुरी में 3.6 हेक्टेयर भूमि पर इसका निर्माण होगा, जिसके लिए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने तैयारी शुरू कर दी है। ज्वैलरी पार्क में बनने वाली अत्याधुनिक बिल्डिंग पर तीन सौ करोड़ की लागत आएगी। 

यह फ्लैटेड फैक्ट्री कांप्लेक्स 10 मंजिल का होगा। यह प्रदेश का पहला ज्वेलरी पार्क होगा। इससे पहले सूरत, कोलकाता में ज्वेलरी कांप्लेक्स बन चुके हैं। मुंबई में भी ज्वेलरी पार्क निर्माणाधीन है।मेरठ का सराफा बाजार एशिया के प्रमुख ज्वेलरी बाजार में शामिल है। तंग गलियों में असंगठित रूप से कार्य करने वाले इस बाजार को वैसी सुविधाएं नहीं मिल पाईं जैसा इसका व्यापार है। यहां प्रतिदिन लगभग 25 करोड़ रुपये का व्यापार होता है।

इस बाजार में लगभग 25 हजार श्रमिक काम करते हैं। अब सराफा बाजार का व्यापार घरेलू व विदेश स्तर पर बेहतर बनाने के लिए ज्वेलरी पार्क बनाने की तैयारी की गई है। सराफा बाजार में विभिन्न काम के लिए अलग-अलग स्थान पर मशीनें या कार्य करने वाले लोग हैं।

कोई ऐसी मशीनरी या सुविधा नहीं है जिसका सार्वजनिक प्रयोग करके समय और धन की बचत की जा सके। ज्वेलरी पार्क में निर्माण कार्य को गति देने के लिए एक कामन एरिया होगा जिसकी मशीनों का उपयोग सभी सर्राफ कर सकेंगे। इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत मेडा (MEDA) ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। सर्राफों को डिजाइन भी दिखाया गया है।

जल्द ही कमिश्नर के समक्ष डीपीआर का प्रस्तुतीकरण होगा। उसके बाद सर्राफों को भी डिजाइन दिखाई जाएगी। सर्राफों से सुझाव व आपत्तियां ली जाएंगी ताकि उनके उपयोगिता के अनुसार ज्वेलरी पार्क तैयार हो सके।

पहले कीमत पर विरोध था, अब मान जाएंगे सर्राफ

वेदव्यासपुरी में ज्वेलरी पार्क बनाने की तैयारी पहले भी हो चुकी है। डिमांड सर्वे भी किया जा चुका है लेकिन सर्राफ की मांग थी कि कीमत अधिक मांगी जा रही है। मेडा ने यहां पर आवंटन की दर व्यावसायिक श्रेणी के हिसाब से रखी थी। सर्राफ औद्योगिक दर से कीमत निर्धारित करने की मांग कर रहे थे। इसी कारण उसका विरोध हुआ और प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया।

दो दिन पहले कमिश्नर के साथ प्रमुख सर्राफों की बैठक हुई। इसमें सर्राफों ने ज्वेलरी पार्क परियोजना आगे बढ़ाने में सहयोग देने की सहमति दी। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने बताया कि अगर ज्वेलरी पार्क का स्वागत नहीं किया गया तो मेरठ बहुत पीछे छूट जाएगा। सूरत, कोलकाता आदि शहरों में ऐसे कांप्लेेक्स बन चुके हैं। सर्राफ अब मेडा की कीमत पर खरीदने को सहमत हो जाएंगे।

ज्वेलरी पार्क में यह होगा

निर्माण कार्य के लिए आरक्षित फ्लैट व कामन सुविधा केंद्र्र,थोक व खुदरा व्यापार के लिए सुविधा,प्रदर्शनी स्थलटेस्टिंग व हालमार्किंग लैब,24 घंटे सर्विलांस की निगरानी में रहने वाली सुविधा,1000 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा,बैंक,एटीएम,परिवहन, पार्सल सुविधा

मेरठ के सराफा बाजार पर एक नजर

25 करोड़ रुपये प्रतिदिन का व्यापार करता है मेरठ का सराफा बाजार

25 हजार श्रमिक यहां पर करते हैं काम

 बोले अधिकारी 

सराफा बाजार को उन्नत बनाने के लिए वेदव्यासपुरी में ज्वेलरी पार्क बनाने की तैयारी चल रही है। यह अत्याधुनिक सुविधा से युक्त होगा, जिसमें हालमार्क व टेस्टिंग लैब भी होगी।

-भानु चंद्र गोस्वामी, कमिश्नर

No comments:

Post a Comment

Popular Posts