मुस्कान-साहिल कोर्ट में नहीं रख सके अपना पक्ष
ऑनलाइन होनी थी पेशी, नहीं हुई सुनवाई, लगेगी अगली डेट
मेरठ। बुधवार को शहर के चर्चित ब्लूड्रम सौरभ हत्याकांड में आरोपित सौरभ की पत्नी मुस्कान, प्रेमी साहिल के साथ आज कोर्ट में पेश नहीं हो सकी। आज बुधवार से इस केस में 313 की कार्रवाई शुरू होनी थी। इसके तहत दोनों आरोपितों को जिला जज के सामने कोर्ट में पेश होकर अपने ऊपर लगाए आरोपों के लिए अपना पक्ष रखना था।पेशी के लिए मृतक सौरभ के बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू भी जिला जज की कोर्ट में पहुंचा था। लेकिन ऐन टाइम पर केस में सुनवाई टाल दी गई। अब सुनवाई के लिए अगली डेट जारी होगी।
मुस्कान-साहिल दोनों 19 मार्च 2025 से मेरठ की जिला जेल में बंद हैं। दोनों को 19 मार्च 2025 को ही कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया था। उसके बाद आज 15 अप्रैल को पूरे 1 साल 26 दिन बाद कोर्ट में पेशी पर बुलाया था। हत्याकांड के दोनों आरोपी सौरभ की पत्नी मुस्कान और मुस्कान के प्रेमी साहिल को कोर्ट में जिला जज के सामने पेश होना था लेकिन सुनवाई टाल दी गई है। अब अगली तारीख लगाई जाएगी।
22 गवाहों की गवाही पूरी मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ की हत्या मामले में 22 गवाहों की गवाहियां अदालत में हो चुकी है। इन गवाहियों के बाद एविडेंस क्लोज हो चुके हैं। अब 313 की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसके बाद फाइनल जिरह होगी और कोर्ट इस हत्याकांड पर अपना फैसला सुनाएगी।
खुद पर लगे आरोपों पर जवाब देंगे मुस्कान-साहिल जिन 22 गवाहों ने अब तक अदालत में गवाही दी है उसमें मुस्कान-साहिल पर तमाम आरोप लगे हैं। जो बताते हैं कि सौरभ की हत्या मुस्कान-साहिल ने मिलकर की थी। बुधवार को होने वाली पेशी में मुस्कान-साहिल अपने ऊपर लगे आरोपों पर अपनी सफाई देना था। लेकिन सुनवाई ही नहीं हुई ऐसे में अब दूसरी डेट लगेगी जिस पर सुनवाई होगी।
22 गवाहों की गवाहियों के आधार पर दोनों से लगभग 15-20 सवाल पूछे जाने है। जिसका इन्हें जबाव देना पड़ेगा। दोनों को सभी आरोपों को गलत साबित करना होगा। अगर मुस्कान-साहिल अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत साबित नहीं कर पाए तो उनको सजा होना तय है। कोर्ट दोनों से सवाल पूछेगा। लगभग 1-2 घंटे तक ये प्रक्रिया चलेगी।
ऑनलाइन होनी थी पेशी 313 की प्रक्रिया में आरोपित को खुद कोर्ट के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना पड़ता है। लेकिन मुस्कान-साहिल की सुरक्षा को देखते हुए उनको ऑनलाइन जोड़कर वीसी के जरिए सुनवाई कराना तय हुआ था। दोनों पर पिछली बार वकीलों ने कचहरी में हमला कर दिया था।
डिलीवरी के दौरान भी मेडिकल अस्पताल में मुस्कान के पीछे भीड़ पड़ गई थी। दोनों की सुरक्षा के मद़देनजर उन्हें जेल से ऑनलाइन जोड़कर सुनवाई करना तय हुआ था।
सीनियर एडवोकेट्स के अनुसार आरोपित को कोर्ट में 3 बार पेशी पर तलब किया जाता है। पहला चार्ज के वक्त, दूसरा 313 की सुनवाई में अपनी सफाई देने और तीसरा फैसले के वक्त आरोपित का कोर्ट में होना अनिवार्य है। चूंकि मुस्कान-साहिल की सुरक्षा का सवाल है ऐसे में संभवत: उनसे ऑनलाइन सुनवाई कराई जाएगी।
पहली बार कोर्ट में आएंगे दोनों के सुरक्षा कारणों को देखते हुए मुस्कान-साहिल को मिली सरकारी वकील रेखा जैन और थाना पुलिस ने कोर्ट से अपील की थी कि मुस्कान-साहिल को कोर्ट में न बुलाया जाए। बल्कि जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी कराई जाए।
इसके बाद अदालत ने मुस्कान-साहिल को वीसी के जरिए पेशी की इजाजत दी थी। दोनों को हर बार वीसी के माध्यम से जोड़कर सुनवाई में शामिल किया गया। गवाहों से उनकी तस्दीक भी अॉनलाइन ही कराई जा रही थी। अगर आज दोनों अदालत में आए तो अब दोनों को अदालत के सामने फिजिकली पेश होकर सवालों के जवाब देने पड़ेंगे। अपना पक्ष रखना पड़ेगा।


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