हीट वेव के चलते श्रमिकों व कामगारों के समय किया गया बदलाव
12 बजे से तीन बजे के बजाए सुबह व शाम के समय करेंगे काम
उप श्रमायुक्त ने समय बदलाव करने की अपील की
मेरठ। मेरठ समेत देश में चल रही हीट वेव को देखते हुए श्रमिकों व कामगारों को बचाने के लिए श्रम विभाग ने श्रमिकों व कामगारों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर कुछ कदम उठाए है। उनके काम में बदलाव किया गया है।
उप श्रमायुक्त,उ.प्र. मेरठ क्षेत्र राजेश मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में देश में बढती गर्मी एवं लू (हीट वेव) की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों एवं कामगारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अत्यन्त आवश्यक है। विशेष रूप से निर्माण स्थलों, कारखानों, ईट भट्टों तथा असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों पर लू का प्रतिकूल प्रभाव अधिक पडता है। इस परिप्रेक्ष्य में सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन हेतु सभी ईट भट्ठा नियोक्ताओं, उद्योगों एवं संस्थानों से अपेक्षा की जाती है कि उनमें कार्यरत श्रमिकों पर लू का प्रतिकूल प्रभाव न पडे इस हेतु उनके कार्य समय का पुनर्निर्धारण करते हुए अत्यधिक गर्मी के समय (दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक) कार्य से बचते हुए कार्य समय को प्रातः एवं सायं के अनुकूल समय में विभाजित किया जाए। यथा आवश्यक शिफ्ट का समय भी धूप के दृष्टिगत बदला जा सकता है जिस पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। साथ ही कार्यस्थल पर स्वच्छ एवं ठंडे पेयजल की निरन्तर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा श्रमिकों को नियमित अन्तराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाए। ईट भट्टे, उद्योगों एवं संस्थानोंं पर छायादार एवं हवादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था की जाए, जहॉ श्रमिक समय-समय पर आराम कर सकें। बढती गर्मी एवं लू से श्रमिकों की सुरक्षा हेतु उचित वेंटिलेशन, पखें, कूलर या अन्य शीतलन उपायों का प्रबन्ध किया जाए। कार्यस्थल पर आपातकालीन तैयारी हेतु बर्फ पैक, प्राथमिक उपचार किट एवं ओ0आर0एस0 की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा हीट स्ट्रोक या अन्य गर्मी सम्बन्धी बीमारियों की स्थिति मे तुरन्त उपचार हेतु व्यवस्था हों। साथ ही श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता हेतु स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जॉच कराई जाए। श्रमिकों को लू से बचाव के उपायों जैसे हल्के कपडे पहनना, सिर ढककर रखना, पर्याप्त पानी पीना आदि के बारे में जागरूक किया जाए व बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं एवं पहले से बीमार श्रमिकों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने सभी संचालकों, ईट भट्टो, दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठानों, भवन निर्माण स्थलों पर विशेषकर जहॉ पर खुले में कार्य होता है भीषण गर्मी व लू के दृष्टिगत यह अपील की है कि उपरोक्त पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना न केवल आवश्यक है श्रमिक हित में भी है तथा इसलियें भी आवश्यक है कि किसी श्रमिक के साथ भीषण गर्मी व लू के कारण कोई दुर्घटना घटित न हो जाये।


No comments:
Post a Comment