खेतों तक पहुंच रहे कृषि शोधः सीएम योगी
किसानों में उत्साह दिखा
लखनऊ (एजेंसी)।प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष रूप से शिरकत की। सम्मेलन में देश के 9 राज्यों के कृषि मंत्री भी शामिल हुए, जहाँ कृषि क्षेत्र में नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग समस्या और समाधान हैं। पिछले साल खेती की बात खेत में कार्यक्रम चलाया गया। उसका फायदा मिला है। किसानों में उत्साह दिखा। पहली बार कृषि इनोवेशन धरातल पर उतरा था। लैब के शोध को लैंड तक पहुंचाया गया। यह बड़ा काम हुआ है। इसे आगे बढ़ाना होगा। हमारे पास सब है। बस नेतृत्व देना है। यह भारत सरकार की पहल सराहनीय है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है पहले नीतियां बनती थीं और कागज पर सब हो जाता था। अब ऐसा नहीं है। हमें शासन की योजना के बारे में किसानों को अवगत कराना है। वर्ष 2017 में 69 कृषि विज्ञान केंद्र थे। वे बंदी के कगार पर थे। जवाबदेही नहीं थी। कृषि मंत्री ने बताया कि भारत सरकार नए कृषि विज्ञान केंद्र देना चाहती है लेकिन उस वक्त नहीं लिया गया। हमने लिया। अब हर कृषि विज्ञान केंद्र काम कर रहे हैं। आठ फीसदी कृषि विकास दर 18 प्रतिशत पर पहुंची है। कृषि और उत्पादन में समन्वय हो तो विकास में गति मिलती है। कृषि में हमारा शेयर 20 फीसदी तक है। अब नया प्रयास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि तकनीक निर्णयक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई इंटरनेशनल सेंटर उपलब्ध कराए हैं। ये बेहतरीन परिणाम दे रहे हैं। समय पर बीज मिल गया तो उत्पादन बढ़ सकता है। यूपी में कई स्थानों पर 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हुआ है। उद्यान में आम की फसल प्रभावित हुई है। फिर भी लगत कम करके उत्पादन बढ़ाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि यूपी ने सब्जी से लेकर फल में छलांग लगाई है। पोटैटो सेंटर मिला है जो जल्द ही शुरू होने वाला है।


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