महिलाओं की भागीदारी से समाज में संतुलित विकास सुनिश्चित होगा : मनीषा अहलावत

“विकसित भारत में नारी शक्ति की अग्रणी भूमिका पर छात्र-चर्चा आयोजित”

मेरठ। महिला अध्ययन केन्द्र एवं विधि अध्ययन संस्थान, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में अटल सभागार में छात्र-चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मा० कुलपति प्रो० संगीता शुक्ला जी के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमति मनीषा अहलावत (सदस्य, राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश), विशिष्ट अतिथि रेखा त्यागी (पूर्व सदस्य, राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश), श्रीमति नम्रता सिंह (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ) एवं डा० प्रेरणा गर्ग (सलाहकार, न्यूटिमा हॉस्पिटल, मेरठ) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संयोजन प्रो० बिन्दु शर्मा एवं डॉ० विवेक कुमार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” पर छात्र-चर्चा आयोजित की गई तथा विषय “विकसित भारत में महिलाओं की पथप्रदर्शक भूमिका” पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

मुख्य अतिथि श्रीमति मनीषा अहलावत ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है। इससे महिलाओं की भागीदारी नीति-निर्माण में बढ़ेगी और समाज में संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका और विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही राष्ट्र को सशक्त बनाने की कुंजी है। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया।

विशिष्ट अतिथि रेखा त्यागी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान अवसर मिलेगा। उन्होंने समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि शिक्षा एवं जागरूकता से ही वास्तविक परिवर्तन संभव है। उन्होंने छात्राओं को अपने भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने और समाज में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

श्रीमति नम्रता सिंह ने कहा कि कानून महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने छात्राओं को विधिक जागरूकता के महत्व के बारे में बताया और कहा कि हर महिला को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है, जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।

डा० प्रेरणा गर्ग ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और आत्मविश्वास ही उनकी प्रगति का आधार है। उन्होंने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए।

प्रो० बिन्दु शर्मा, समन्वयक, महिला अध्ययन केन्द्र ने कहा कि केन्द्र का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक मुद्दों पर संवाद को प्रोत्साहित करते हैं।

समन्वयक, विधि अध्ययन संस्थान डॉ० विवेक त्यागी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को विधिक रूप से जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संविधान के मूल्यों को सशक्त करने वाला कदम है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की सहभागिता रही। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर डॉ० वैशाली पाटिल, डॉ० सुदर्शना, डॉ० आशीष कौशिक, डॉ० धनपाल सिंह, डॉ० अपेक्षा चौधरी, डॉ० विकास राठी, डॉ० धर्मेंद्र कुमार, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

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