रोहतक में संगीत पर नाचने पर जेठ ने भाभी को मौत के घाट उतारा

 गुरुग्राम में पति ने पत्नी को मार दी जान

कहीं सनक ने उजाड़ा घर, तो कहीं घरेलू कलह ने छीन लिया मासूम के सिर से मां-बाप का सायाd

रोहतक/गुरुग्राम।  प्रदेश के दो प्रमुख जिलों, रोहतक और गुरुग्राम से रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर देने वाली दो ऐसी वारदातें सामने आई हैं, जिन्होंने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सनक और गुस्से के आवेग में कहीं भाभी का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया, तो कहीं एक हंसता-खेलता परिवार आपसी विवाद की भेंट चढ़ गया।

रोहतक जिले के रिठाल गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना घटी। यहाँ 39 वर्षीय प्रवेश को सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवानी पड़ी क्योंकि वह पड़ोस के एक लेडीज संगीत कार्यक्रम में नाच रही थी। सनकी जेठ जसबीर फोगाट इस बात से नाराज था कि उसकी भाभी पड़ोसियों के सामने क्यों नाची। जैसे ही प्रवेश घर लौटी, जसबीर ने दरात (तेजधार हथियार) से उसके चेहरे, पेट और छाती पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।  39 वर्षीय प्रवेश पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया इसके बाद 20 से ज्यादा जगह पर धारदार हथियार से कट मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह जघन्य कांड हुआ, प्रवेश के तीनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे और पति सुखबीर अपनी बीमार मां को लेकर इलाज के लिए पीजीआई गया हुआ था। घर लौटने पर उसे पत्नी की लहूलुहान लाश मिली। पुलिस फरार आरोपी जेठ की तलाश में दबिश दे रही है।

गुरुग्राम में गृह कलह ने उजाड़ा आशियाना

साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-9 में घरेलू विवाद का ऐसा खौफनाक अंत हुआ कि 10 साल के मासूम के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया। राजस्थान के अलवर निवासी दीपक (33) का अपनी पत्नी सोनम (28) के साथ विवाद हुआ। गुस्से में दीपक ने पहले सोनम का गला घोंटकर हत्या की और फिर खुद भी पंखे से लटककर जान दे दी।

मासूम ने देखा खौफनाक मंजर

वारदात के समय दीपक ने अपने बेटे को दूसरे कमरे में खेलने भेज दिया था। जब बच्चा कमरे में पहुंचा, तो पिता फंदे पर और मां बेसुध पड़ी थी। बच्चे की चीख सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।

समाज के लिए खतरे की घंटी

ये दोनों घटनाएं हमारे समाज में बढ़ती असहनशीलता  और हिंसक मानसिकता की ओर इशारा करती हैं। रोहतक की घटना जहां पितृसत्तात्मक सोच और झूठी शान (False Pride) का वीभत्स रूप है, वहीं गुरुग्राम की घटना यह बताती है कि संवाद की कमी और मानसिक तनाव किस कदर जानलेवा साबित हो रहे हैं।


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