राम से बड़ा राम का नाम
मेरठ। शुक्रवार को पंचम दिवस पर व्यास पीठ से भानपुरा पीठाधीश्वर ज्ञानानंद ने राम से बड़ा राम के नाम की महत्ता बताई, जिसका नाम जपने मात्र से जीवन का उद्धार हो जाता हे अगर जीवन के चक्र से मोक्ष चाहते हो तो प्रभु और गुरु की शरण लेनी पड़ेगी ।
उन्होंने कहा,,धर्म और समाज का कर्म करने में बहुत कठिनाई आती है।
इसलिए कठिनाई से घबराना मत ,हर उजले के बाद अंधेरा आएगा और फिर अंधेरा हटेगा ओर प्रकाश होता है , इसी प्रकारजीवन में आपत्ति तो आएगी ,लेकिन चित्त नहीं बिगड़ने देना।पित (धन )का तो आना जाना है ।धर्म आपका सहायक होता है ।
जहा कोई सहायक नहीं वहां धर्म सहायक है इसलिया धर्म नहीं छोड़ना । उन्होंने कहा हवा दिखती नहीं पर चलने का आभास होता है ऐसे ही प्रभु का भी ज्ञान होता हे जो चीज दिखाई नही देती लेकिन वो होती है भगवान दिखता नहीं है पर वो सदैव आपके साथ है।हर परिस्थिति में सत्संग में ऐसे ही प्रभु का स्मरण करते रहे ।आज व्यास पीठ पर विराजे भानपुरा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ महाराज जी के दर्शन,आशीर्वाद लेने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान, पूर्व चेयरमैन जिला सहकारी बैंक मनेंद्र पाल सिंह, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री यशवीर सिंह, पंकज कटीरा, व्यास पीठ का पूजन मनोज सेन एवं डॉ बृज भुषण गोयल ने परिवार सहित किया।
शंकराचार्य स्वामी दिव्या नंद की सातवीं पुण्य तिथि पर संयोजक मनोज गर्ग, डॉ अतुल गौड़ ने पूज्य गुरु जी से अपने जीवन से संस्मरण को नम आंखों से साझा किया।इस के अलावा 125 डंडी स्वामी के उपस्थिति के मध्य
हरीश वशिष्ठ, आलोक सिसोदिया ,अमित ,नरेंद्र राष्ट्रवादी, नितिन, सुष्मिता, रोली, निर्मला, संजय गोयल, कृष्ण गोपाल, सहित अन्य जिले से आएसैकड़ों भक्तों ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ महाराज को पुष्पांजलि अर्पित करी।


No comments:
Post a Comment