स्मार्ट मीटर को लेकर लगाए गए कैंप में  महिलाओं का  हंगामा

एसई  से बोलीं महिलाएं- मीटर हटाओ वरना चूड़ी पहन लो

घंटो तक चले हंगामें के बाद भी महिलाओं की समस्याओं से निजाद नहीं दिला पाए एसई 

मेरठ।  प्रदेश सरकार के लिए स्मार्ट मीटर लगाना जी का जंजाल बन गया है।  शुक्रवार को  मोहनपुर उप विद्युत केन्द्र   विद्युत विभाग के विशेष कैंप में मीटर को लेकर फिर हंगामा हो गया। गुस्साई महिलाओं ने कैंप पर मौजूद अफसरों को चूड़ी भेंट कर दी जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।  घंटों तक मोहनपुरी व कंकरखेडा की महिलाओं एसई को घेरा रखा। मामला ज्यादा बढ़ने  सिविल लाइन पुलिस पहुंच गई और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।


 बता दें मेरठ समेत पूरे प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का कार्य चल रहा है। फिलहाल अभी उच्च् स्तरीय जांच होने तक मीटर लगाने कार्य बंद चल रहा है। लेकिन जिन लोगों के प्रीपेड स्मार्टमीटर लग गये है। उन्हें परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा हिै। मोहनपुरी की महिलाएं पिछले काफी समय से विरोध दर्ज करा रही है। शुक्रवार को उनके सब्र जवाब दे गया और उन्होंने न्यू मोहनपुरी स्थित बिजली घर पर हंगामा कर दिया।

बिजली घर पर लगाया गया था कैंप

स्मार्ट मीटर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पीवीवीएनएल के द्वारा शुक्रवार को न्यू मोहनपुरी स्थित बिजली घर पर विशेष कैंप लगाया गया था। जैसे ही मोहनपुरी की महिलाओं को इसकी भनक लगी, वह बिजली घर पहुंच गई और अधिकारियों का घेराव कर दिया।बिजली घर पर हंगामा कर रही महिलाओं को मौके पर मौजूद अफसर ने समझाने की कोशिश की लेकिन महिलाएं  समझने को तैयार नहीं थी। उनका केवल यही कहना था कि जल्द से जल्द उनके घर से स्मार्ट मीटर हटाया जाए। मौके पर मौजूद सुपरिटेंडेंट इंजीनियर अरशद खान ने बात करने की कोशिश की तो महिलाओं ने उन्हें चूड़ियां भेंट कर दी।

मोबाइल चलाता देख भड़की महिलाएं

बिजली घर पर महिलाओं की भीड़ लगी थी। हर किसी के हाथ में बिजली के बिल थे। सभी का पारा चढ़ा हुआ था। हंगामा के बीच विद्युत विभाग के अफसर अपने मोबाइल में व्यस्त हो गए। यह देख महिलाओं का पारा चढ़ गया। उन्होंने सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के हाथ से मोबाइल छीन लिया और चूड़ियां थमा दी।

पुलिस की भी नहीं सुनी महिलाओं ने

सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर को बंधक बनाने की सूचना पर सिविल लाइन थाने की पुलिस भी बिजली घर पहुंच गई। पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन महिलाओं ने उनकी भी नहीं सुनी। दोनों अफसरों को वहीं पर बंधक बना लिया और बिजली घर से बाहर नहीं आने दिया। करीब 4 घंटे तक बिजली घर पर हंगामा होता रहा।

महिलाएं बोली- लिख कर दो नहीं कटेगी बिजली

हंगामा बढ़ता जा रहा था और राहत की कोई उम्मीद अफसरों को दिखाई नहीं दे रही थी। उन्होंने कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन महिलाएं मीटर हटाने पर अड़ी थीं। बाद में वह मांग करने लगी कि अफसर लिख कर दें कि बिल जमा ना होने पर 15 दिन तक बिजली नहीं कटेगी। वह सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से लिखित गारंटी मांग रही थीं।

  पार्षद ने रखी महिलाओं की समस्या 

  महिलाओं के हंगामे के बीच पार्षद उत्तम सैनी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसई से महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने की  बात की। लेकिन एसई ने कहा स्मार्ट मीटर को हटा कर पोस्ट कराना उनके बुते से बाहर है। उन्होंने कहा वह महिलाओं से प्रार्थना पत्र लिखवाकर दे दे वह आगे भेज देंगे। 

 स्मार्ट मीटर ने जिदंगी कर दी नरक 

 हंगामा कर रही कंकरखेड़ा से लालामोहम्मपुर से आयी सुषमा का कहना था  जब से उनके घर पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा है । तब से उनकी जिदंगी नरक बन गयी है। बिल जमा करने के बाद  माइनेस में रहता है। जहां पहले पोस्ट पेड में 250 से 400 बिजली का बिल आता था अब हर माह 1500 से 1800 का बिजली का बिल आता है।  मोहन पुरी निवासी पूजा व आशा का कहना है वह कई ज्यादा बिल के बारे में अधिकारियों के चक्कर काट चुके है। लेकिन कही भी सुनवाई नहीं हो रही है। वैसे ही महंगाई के मार के चलते परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। ऊपर से सरकार की ओर से स्मार्ट मीटर को जनता पर थोप दिया है। जो किसी भी हालत में ठीक नहीं है। स्मार्ट मीटर  पोस्ट पेड से अधिक  बिल आ रहे। 


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