श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज का मामला
प्रबंधक को हाईकोर्ट से नहीं मिली रिलीफ- अब पुनः मा.कुलपति ही लेंगे अंतिम निर्णय*
वाराणसी/प्रयागराज।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज,वाराणसी की प्रबंध समिति व प्रबंधक डॉ.मधु अग्रवाल की ओर से दायर विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में जारी 27.02.2026 के आदेश को वापस लेने की अनुमति दे दी है। साथ ही कुलपति, म.गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी को नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दिया है।
वाराणसी स्थित श्रीअग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से मा उच्च न्यायालय इलाहाबाद की एकलपीठ और कुलपति, एमजी काशी विद्यापीठ द्वारा 27 फरवरी,2026 को पारित आदेश के खिलाफ विशेष अपील दायर की गई थी। इस दौरान कॉलेज की प्रबंधक डॉ मधु अग्रवाल एवं प्राचार्य प्रो.मिथिलेश सिंह एवं अन्य लोग कोर्ट में उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि कुलपति की ओर से पारित किया गया आदेश जल्दबाजी में और संबंधित पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर दिए बिना जारी किया गया था।इस पर आदेश वापस लेने की अनुमति मांगी गई,जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद आदेश दिया है कि प्राधिकारी विश्वविद्यालय,16 निजी प्रतिवादियों की नियुक्तियों की प्रकृति और स्थिति की जांच करने के बाद एक नया आदेश पारित कर सकता है। यह आदेश संबंधित पक्षों को सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के बाद पारित किया जाय।
कुलपति यह सुनिश्चित करेंगे कि निजी प्रतिवादियों को प्रतिपूर्ति प्राप्त हो। वे अपनी प्रतिक्रिया/आपत्ति 2 सप्ताह की अतिरिक्त अवधि के भीतर प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके बाद, कुलपति 3 सप्ताह की अवधि के भीतर सुनवाई की तिथि निर्धारित कर सकते हैं, जिसमें संबंधित पक्षों को विचारणीय मुद्दों का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। वेतन भुगतान का मुद्दा कुलपति द्वारा लिए जाने वाले अंतिम निर्णय के अधीन होगा।


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