“शुद्ध देसी नस्ल की गाय ही है भारतीय संस्कृति का आधार” - डॉ. सर्वेश्वर
– शिव कथा में शिव-पार्वती विवाहोत्सव की रही धूम
मेरठ | दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा गढ़ रोड स्थित बुद्धा गार्डन में 1 से 7 अप्रैल तक सात-दिवसीय श्री शिव कथा के पंचम दिवस पर कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने महापार्थिवेश्वर हिमालयराज की शक्तिस्वरूपा पुत्री पार्वती का भगवान शिव के संग विवाह प्रसंग प्रस्तुत किया, जो कि गूढ़ आध्यात्मिक संदेश समेटे हुए है। माता पार्वती जीवात्मा का प्रतीक हैं।
भगवान शिव साक्षात् परब्रह्म परमेश्वर के। शिव-पार्वती विवाह प्रसंग में यह आध्यात्मिक सूत्र निहित है कि हम समस्त जीवों का उस परमात्मा के साथ मिलन केवल पूर्ण गुरु के द्वारा ही संभव है। कथाव्यास ने आगे बताया कि महाराज हिमवान ने पुत्री के विवाह की खुशी में असंख्य गायों का दान किया। हमारी भारतीय संस्कृति में प्रत्येक खुशी के अवसर पर गोदान की परंपरा रही है। गोदान से बढ़कर कोई भी उत्तम दान नहीं कहा गया है, क्योंकि भारतीय नस्ल का देसी गोवंश धरा का सबसे अमूल्य धन है। हमारी देसी गाय देश की आर्थिक समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, अन्न उत्पादन, मानव स्वास्थ्य-रक्षण इत्यादि में महत्वपूर्ण योगदान देती है। इसीलिए संत अरविंद जी कहते हैं कि गाय धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष एवं समस्त पदार्थों को प्रदान करने वाली कामधेनु के समान है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने देसी गाय के इसी महत्व को समझते हुए “कामधेनु” नामक अति विशिष्ट प्रकल्प चलाया है, जिसका उद्देश्य भारतीय नस्ल की शुद्ध-विशुद्ध देसी गाय का संवर्धन व संरक्षण करना है। इसके अंतर्गत दिल्ली, बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र आदि राज्यों में विभिन्न गोशालाओं का निर्माण किया गया है, जहाँ साहीवाल, थारपारकर, हरियाणवी, गीर, कांकरेज, राठी आदि भारतीय नस्ल की देसी गायें बड़ी संख्या में मौजूद हैं। संस्थान द्वारा इस प्रकल्प को चलाने के पीछे की मूल भावना यही है कि भारतीय संस्कृति और जनमानस में देसी गाय पुनः अपना गरिमामय स्थान प्राप्त कर सके।इस अवसर पर वाद्य-वृंदों ने गौ माता की महिमा में वंदन गीत गाकर श्रोताओं को निहाल किया।इस दिव्य आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे ।जिसमें हेमंत चावला (मेरठ महानगर, सह-संयोजक), नुपुर ज्होरी (मंत्री, मेरठ महानगर), नीरज सिंघल (विभाग व्यवस्था प्रमुख, RSS), अंकित शर्मा (अध्यक्ष, हिन्दू युवा वाहिनी), डा. ओमकार गुप्ता (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एन्टी करप्शन विभाग), सुभाष चन्द्र विश्नोई एव अलका विश्नोई, संजय रस्तोगी , गीता पुंडीर ,डॉ हर्ष यादव, विशाल कपूर ,सुनील चौधरी, विजयत लाख (उद्योगपति), डॉ मुकेश आदि मौजूद रहे।
संस्थान के प्रतिनिधि व् दिव्य गुरु आशुतोष महाराज के शिष्य - स्वामी नरेशानंद ने बताया कि, “संस्थान की कथाएं कोई सामान्य कथाएं नहीं हैं। संस्थान द्वारा आयोजित कथा को दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के कुशल मार्गदर्शन में अपना वास्तविक अर्थ मिलता है। इन कथाओं द्वारा दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान प्राचीन भारतीय ग्रंथों में निहित जीवन बदलने वाले आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार कर रहा है। जिसे ऋषि-मुनियों ने पाकर अपने आंतरिक जगत में ईशवर का साक्षात् दर्शन किया ।



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