नाबालिग निकली मोनालिसा
केरल में हुआ विवाह सवालों के घेरे में
महेश्वर थाने में अपहरण की FIR दर्ज
भोपाल।मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की पारधी जनजाति की युवती मोनालिसा के विवाह मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की विस्तृत जांच में यह साबित हो गया है कि जिस युवती का केरल में विवाह कराया गया था, वह वास्तव में नाबालिग है। आयोग ने पाया कि विवाह के समय युवती की उम्र 18 वर्ष से कम थी। मोनालिसा ने यूपी के बागपत के फरमान के साथ अंतर्धार्मिक विवाह किया था जिसे लेकर शुरू से ही विवाद चल रहा था।
दस्तावेजों में हेराफेरी का संदेह
अधिवक्ता प्रथम दुबे की शिकायत पर आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में गठित जांच दल ने केरल से लेकर महेश्वर तक पड़ताल की। जांच में महेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड के अनुसार युवती की जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 पाई गई। इस आधार पर 11 मार्च 2026 को हुए विवाह के समय उसकी उम्र मात्र 16 वर्ष थी। आयोग ने यह भी पाया कि केरल में विवाह पंजीयन के लिए उपयोग किए गए जन्म प्रमाण पत्र में जन्म तिथि अलग थी, जिसे संदिग्ध मानते हुए निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
केरल और एमपी के डीजीपी तलब
आयोग की अनुशंसा के बाद गुरुवार रात महेश्वर थाने में अपहरण सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इंदौर आईजी अनुराग ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विवेचना शुरू कर दी गई है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को नई दिल्ली मुख्यालय तलब किया है। साथ ही, दोनों राज्यों के पुलिस कप्तानों से हर तीन दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी गई है।
इस मामले में कुछ संगठनों और राजनेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को सजा मिलने तक वह इस कार्यवाही की पैनी निगरानी करेगा।


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