6 माह से लापता तोता किटटू लौटा ,परिवार ने काटा केक
पियाओं की आवाज सुनकर घर के अंदर पहुंचा
मेरठ । पशु पक्षी का इंसानों से कितना ज्यादा लगाव होता है। इसका उदाहरण शाहपीर गेट में उस समय देखने को मिला जो तोता किटटू छह माह पूर्व अचानक लापता हो गया था। वह मालिक द्वारा पियाओं की आवाज सुनकर वापस लौट आया। परिवार के लिए यह खुशी का पल था। इस दौरान ताेता किटटू के आने जश्न मनाने के साथ बकायदा केक काटा। जिसमें परिवार के अलावा रिश्तेदार भी शामिल हुए।
अरशद मेरठ के शाहपीर गेट क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते हैं। ऑटो गैराज का काम करने वाले अरशद ने साढ़े तीन साल पहले पहले एक तोता पाला था। अरदश बताते हैं कि पहले यह तोता खुद ही उनके आंगन में आ गया था। तब वह उड़ना नहीं जानता था। तभी से उसे अपने परिवार का सदस्य बना लिया। उसका नाम दिया किट्टू। देखते ही देखते वह परिवार में सभी से घुलमिल गया। बच्चों ने भी उसकी खूब देखभाल की।तोता किट्टू 27 सितंबर, 2025 को लापता हुआ था। अरशद ने किट्टू को खोजने की काफी कोशिश की थी। उन्होंने इलाके में पोस्टर लगवाए थे और तोते को ढूंढकर लाने वाले को 5 हजार रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा भी की थी। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद किट्टू का कोई सुराग नहीं मिला था।
तब से परिवार के लोग तोता किटटू के लिए बेचैन थी। 27 मार्च को मैं पियानो बजा रहा था, तभी आवाज सुनकर तोता वापस आ गया। तभी वह अरशद पर आकर बैठ गया। किटटू के अचानक कंधे पर बैठा देख अरशदकी आंख में खुशी के आंसू छलक उठे। उसने परिवार के लोगों को किटटू के बारे में बताया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। किट्टू के वापस आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। जब किट्टू लापता हो गया था तो लगता था कि परिवार का एक सदस्य कम हो गया है, अब किट्टू के वापस आने के बाद ऐसा लगता है कि परिवार पूरा हो गया है।
परिवार में 52 सदस्य, सभी तलाश में जुटे थे
अरशद बताते हैं, उनके परिवार में कुल 52 सदस्य हैं। सभी लोग 'किट्टू' के लापता होने से चिंतित थे। तोते को खोजकर लाने वाले को 5,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। अरशद ने शहर में जगह-जगह पोस्टर भी चिपकाया था। अपने लापता तोता की तस्वीर भी पोस्टर में छपवाई थी।


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