सीबीआइ अफसर बन रिटायर्ड अधिकारी को हाउस अरेस्ट कर की एक करोड़ 41 लाख की ठगी

 मेरठ। सीबीआइ अफसर बनकर साइबर ठगों ने बिजली विभाग के रिटायर्ड अधिकारी को हाउस अरेस्ट किया। पत्नी और उनके खाते से 1.41 करोड़ की रकम आरटीजीएस करा ली गई। डराया गया कि उनके आधार कार्ड से मोबाइल सिम जारी कराया और बैंक में खाता खुलवाकर धोखाधड़ी की गई है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर दंपती के खाते से साइबर ठग रकम ट्रांसफर कराते गए। खाते में रकम न रहने पर ही दंपती ने मामले की जानकारी अपने परिचितों को दी। तब मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी।

कंकरखेड़ा के रोहटा रोड स्थित नंद विहार कालोनी निवासी राधा कृष्ण बिजली विभाग से रिटायर्ड हैं। उनका कहना है कि 14 दिसंबर को शाम 4:45 बजे उनके मोबाइल नंबर पर काल आई। कालर ने बताया कि आपके आधार कार्ड पर नरेश गोयल ने एक मोबाइल सिम लिया है। साथ आधार कार्ड से दिल्ली के केनरा बैंक में खाता खोला गया। उसके बाद उक्त खाते में करोड़ों की धोखाधड़ी की गई। साथ ही राधा कृष्ण को चेताया गया कि अपने अन्य दो मोबाइल नंबर बंद करा दो। मोबाइल नंबर बंद करने से इन्कार किया। तभी कालर ने सीबीआइ अफसर समाधान पंवार से वीडियो काल पर बात कराई।

सीबीआइ अफसर ने कहा कि आपना नाम धोखाधड़ी में आ चुका है। इसलिए जल्द ही आपको जेल भेज दिया जाएगा। 30 दिसंबर को जेल नहीं भेजने की एवज में केनरा बैंक के खाते से 22 लाख की रकम अपने एक्सिस बैंक के खाते में ट्रांसफर करा ली गई। उसके बाद फिर से डर दिखाया गया व छह जनवरी को खाते से 20 लाख की आरटीजीएस करा ली गई। उससे पहले 12 जनवरी को खाते से 50 लाख की करम अपने खाते में डलवा चुके थे।

16 जनवरी को 25 लाख ट्रांसफर कराए गए। रकम नहीं देने पर पूरे परिवार को सीबीआइ कोर्ट में पेश कराकर जेल भेजने की धमकी दी। साथ ही 19 लाख की रकम मांगी गई। तब पत्नी शिवदेवी के खाते से 19 लाख और पांच लाख 16 हजार की रकम आरटीजीएस कराई गई। इस तरह से एक करोड़ 41 लाख की रकम अपने खाते में आरटीजीएस करा चुके है। राधा कृष्ण ने बताया कि रिटायर्ड होने के बाद उनके खाते में यह रकम पड़ी हुई थी। उसके बाद भी दंपती को सीबीआइ के अफसर बनकर साइबर ठग डराते रहे।

परेशान होकर राधा कृष्ण ने अपने परिचितों को मामले की जानकारी दी। तब रविवार को एसएसपी के समक्ष तहरीर दी गई। उनके आदेश पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर महावीर सिंह ने बताया कि अभी तक साइबर थाने में सबसे अधिक एक करोड़ 41 लाख की ठगी का पहला मुकदमा दर्ज किया गया है, जिन खातों में रकम भेजी गई थी। उक्त खातों को सीज करा दिया है। बैंक से डिटेल मांगी गई कि उन खातों में फिलहाल कितनी रकम पड़ी हुई है।

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