नगर निगम की बोर्ड बैठक सोमवार को बिना किसी चर्चा के महज 10 मिनट में खत्म
10 मिनट में1831 करोड़ बजट पास कर , जनता के मुद्दों पर बात न होने पर AIMIM के पार्षदों का वॉकआउट
मेरठ। नगर निगम की बोर्ड बैठक सोमवार को बिना किसी चर्चा के महज 10 मिनट में खत्म हो गई। बैठक के दौरान भाजपा पार्षद विरोध जताते रहे, लेकिन बैठक समाप्त करते हुए राष्ट्रगान शुरू करा दिया गया। बैठक में विकास कार्यों और बजट पर चर्चा न होने से नाराज विपक्ष के पार्षद फसल करीम और रिजवान अंसारी वॉकआउट कर गए। वहीं भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ ने मंच पर मौजूद महापौर हरिकांत अहलूवालिया से कहा कि यदि इसी तरह बैठक करनी है तो पार्षदों को बुलाने का कोई औचित्य नहीं है।
नगर निगम की बोर्ड बैठक सोमवार को चौ. चरण सिंह यूनिवर्सिटी के प्रेक्षागृह में हुई। बैठक में 1831 करोड़ रुपयों के बजट के प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए बैठक में रखा गया, बैठक में बजट पास हुआ। बैठक की अध्यक्षता महापौर हरिकांत अहलूवालिया की रही। साथ ही बैठक में नगरायुक्त सौरभ गंगवार भी मौजूद थे।
इस पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने जवाब देते हुए कहा कि बजट पहले ही कार्यकारिणी में सभी की सहमति से पारित हो चुका है, इसलिए इस पर चर्चा का कोई विषय नहीं बनता। बैठक में लगभग 50 पार्षद और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह यादव बजट पढ़ने के लिए मंच पर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बोलने का मौका दिए बिना ही बजट को पास घोषित कर दिया गया।पिछले दिनों CCSU के अटल सभागार में आयोजित हुई थी। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की अहम बजट बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1831 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया गया था। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए नगर निगम बोर्ड की बैठक में रखा गया।
कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन13 अप्रैल को प्रस्तावित नगर निगम बोर्ड बैठक से पहले महानगर कांग्रेस कमेटी ने सख्त रुख अपना लिया है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जनहित से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिली तो मेयर और नगर आयुक्त का घेराव किया जाएगा। महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला और पूर्व शहर अध्यक्ष जाहिद अंसारी ने संयुक्त रूप से कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बोर्ड बैठक में लंबित प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
सेंट्रल मार्केट के विस्थापित दुकानदारों को मिले दुकान
सेंट्रल मार्केट विस्थापितों को दुकान देने की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण के बाद विस्थापित व्यापारियों से किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने मांग की कि नगर निगम के नए कार्यालय परिसर में इन विस्थापितों को दुकानें आवंटित करने का प्रस्ताव तत्काल पास किया जाए।
कांग्रेस ने गाजियाबाद की तर्ज पर मेरठ में भी हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत कटौती की मांग की। साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए 400 नए सफाई कर्मियों की भर्ती और उनके मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में लाने की बात कही गई।
म्यूटेशन का आदेश भी लागू किया जाए
व्यापारियों को सीलिंग से राहत की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि व्यापारियों को सीलिंग से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया। इसके अलावा 9 मई 2025 के नामांतरण (म्यूटेशन) शासनादेश को तत्काल लागू करने की मांग भी रखी गई।
कांग्रेस नेताओं ने किया प्रदर्शन
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने तमाम मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा— “कांग्रेस जिंदाबाद”, “राहुल गांधी जिंदाबाद”, “मेरठ मेयर होश में आओ”, “व्यापारियों को वादा अनुसार दुकान दो”, “हाउस टैक्स की बढ़ोतरी वापस लो। महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि मेरठ नगर निगम की नीतियां पूरी तरह जनविरोधी हैं, जिससे आम जनता, व्यापारी वर्ग और गरीब तबका बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से किया गया वादा आज तक पूरा नहीं किया गया, जो उनके साथ अन्याय है।
जीआईएस सर्वे के नाम पर हो रही लूट
जीआईएस सर्वे के नाम पर की जा रही भारी गृहकर वृद्धि को लूट करार देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द ही जनता को राहत नहीं दी, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। रंजन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी पूरी ताकत से लड़ती रहेगी।
एडीएम सिटी को सौंपा ज्ञापन
इसी बीच एडीएम सिटी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शांत करते हुए आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर मेयर व नगर आयुक्त के साथ बैठक कराकर मांगों का समाधान कराया जाएगा। इस आश्वासन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना प्रदर्शन एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए। कहा कि आम जनता को अपने बिल ठीक कराने के लिए भारी रकम देनी पड़ रही है। महानगर कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
महानगर कांग्रेस द्वारा ये मांगें रखी गईं—
1. सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को नए नगर निगम भवन में दुकान आवंटन की मेयर द्वारा की गई घोषणा को आज की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया जाए।
2. आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की तत्काल नियुक्ति व मानदेय में वृद्धि की जाए।
3. जीआईएस सर्वे के आधार पर गृहकर में की गई भारी बढ़ोतरी वापस ली जाए और 10% वृद्धि के अनुसार संशोधित बिल जारी किए जाएं।
4. नाम परिवर्तन संबंधी शासनादेश (9 मई 2025) को मेरठ में तत्काल लागू किया जाए।
5. वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू कर जनता को राहत दी जाए।




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