मिडिल ईस्ट में महाजंग की आहट
सऊदी, UAE और कतर के तेल ठिकानों पर ड्रोन अटैक
रियाद की ईरान को दो टूक- 'सब्र का इम्तिहान न लें'
दुबई/रियाद। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे खाड़ी क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। सऊदी अरब के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यनबू पोर्ट स्थित सैमरेफ ऑयल रिफाइनरी पर भीषण हवाई हमला हुआ है। केवल सऊदी ही नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के तेल व गैस संयंत्रों को भी ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया है। इन हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद यनबू पोर्ट ही तेल निर्यात का मुख्य केंद्र बना हुआ था।
सऊदी अरब की कड़ी चेतावनी
इन हमलों के तुरंत बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने ईरान को सीधा जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ये हमले पूरी तरह सुनियोजित लगते हैं। सऊदी अरब के पास किसी भी दुस्साहस का जवाब देने की पूरी सैन्य क्षमता है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "ईरान हमारे सब्र का इम्तिहान न ले।" गौरतलब है कि ईरान ने हाल ही में इन तीनों देशों को अपने तेल ठिकानों को खाली करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
युद्ध कवर कर रहे पत्रकारों पर हमला; रूसी मीडिया क्रू घायल
दूसरी ओर, लेबनान सीमा पर जारी संघर्ष के बीच इजराइली सेना पर अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को जानबूझकर निशाना बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। रूसी मीडिया चैनल RT (रूस टुडे) के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में कवरेज कर रहे उनके क्रू पर सीधा हमला किया गया।
प्रेस जैकेट के बावजूद हमला
हमले के समय रिपोर्टर अली रिदा और उनके साथी 'प्रेस' लिखी हुई सुरक्षात्मक जैकेट पहने हुए थे, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत उनकी पहचान सुनिश्चित करती है।
सीधा निशाना
सामने आए वीडियो फुटेज में दिख रहा है कि हमला किसी दुर्घटना का परिणाम नहीं बल्कि सीधे क्रू को लक्ष्य बनाकर किया गया था। इस हमले में रिपोर्टर अली रिदा घायल हो गए हैं।
इन घटनाओं ने क्षेत्र में पूर्ण युद्ध (Full-scale war) की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश इन हमलों का क्या और कैसा जवाब देते हैं।


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