प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए सैंट्रल मार्केट के व्यापारी आवास विकास पर अनिश्नितकालीन धरने पर बैठै 

 धरने पर बैठी महिललाएं  बोलीं- ध्वस्तीकरण से पहले करेंगे आत्मदाह

मेरठ। सुप्रीम कोर्ट की अवैध निर्माण की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को देखते हुए  सैंट्रल मार्केट के दुकानदानों ने अपने प्रतिष्ठनों को बचाने के लिए पंचायत करने के बाद आवास विकास के कार्यालय पर महिलाओं के साथ धरना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती हैं और हमें लिखित में यह आदेश नहीं मिलता कि हमारे प्रतिष्ठान नहीं टूटेंगे तब तक हम लगातार आवास विकास का विरोध  करते रहेंगे। व्यापरियों ने धरना स्थल पर भटठी चढ़ा दी है।  आवास विकास के अधिकारी व्यापारियों को समझाने में जुटे है। 

 बता दें सैंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट ने बचे हुए अन्य प्रतिष्ठानों को ध्वस्तीकरण के आदेश दिये थे। कोर्ट ने अपने फैसले को बदलने के लिए इनकार कर दिया है। तभी बचे हुए अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है। आवास विकास भी कोर्ट के आदेश के बाद अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में जुटा है। इसी परिपेक्ष में शुक्रवार को सैंटल मार्केट के व्यापरियों ने सामाजिक संठटनों के साथ पंचायत की । पंचायत के बाद फैसला किया गया। अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। इस पर व्यापरियों के साथ काफी संख्या में महिलाए आवास विकास पहुंची। वहां पर उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना आरंभ कर दिया। 

 धरने पर बैठी रेखा गुप्ता समेत अन्य  महिलाओं का कहना था  यदि उनके प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर चलता है तो हम उसके सामने आत्मदाह कर लेंगे जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए हर तरीके से कोशिश कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। जनप्रतिनिधियों से लेकर भगवान तक हर जगह राहत के लिए गुहार लगाने के बाद भी उनकी परेशानी कम नहीं हुई है।

न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई- रेखा गुप्ता

सेंट्रल मार्केट से आवास विकास धरना देने पहुंची रेखा गुप्ता ने बताया कि हमारी रोजी रोटी पर आज ऐसा संकट आ गया है कि हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं। हमारी लड़ाई अब न्याय की है और जब तक हमे न्याय नहीं मिलता हम ऐसे ही संघर्ष करते रहेंगे। माननीय न्यायालय से भी हम पूछना चाहते हैं कि हमारे प्रतिष्ठान अगर टूट जाएंगे तो हमारा परिवार कैसे चलेगा।

कमाई के बिना कैसे देंगे किश्त- बेबी राजमोगा

पिछले 30 सालो से सेंट्रल मार्केट में बुटिक चलाने वाली बेबी राजमोगा ने कहा कि हमने बच्चों की नौकरी छुडवाकर उनको भी यहां दुकानें कराई थी। अब अगर हमारी दुकानें टूट जाएगी तो हम अपना परिवार कैसे चलाएंगे जो लोन हमने लिया हुआ है उसकी किश्त कैसे बैंक को वापस देंगे।

व्यापारियों के संघर्ष में रहेंगे साथ- सुदीप जैन

धरना स्थल पर पहुंचे सुदीप जैन ने कहा कि आज यहां यह सांकेतिक धरना इस बात का प्रमाण है कि हम अपने व्यापारी भाईयों के प्रतिष्ठान इतनी आसानी से नष्ट नहीं होने देंगे। इसके साथ ही धरना देने से लेकर अन्य जो भी तरीका इसमें आवास विकास का विरोध करने का होगा उसमें हम व्यापारियों के साथ हैं।

भ्रष्टाचारियों को जेल भी भिजवाना है- विजय राघव

किसान मजदूर संगठन के महानगर अध्यक्ष विजय राघव ने बताया कि यहां दो लड़ाई लड़ने के लिए हम पहुंचे हैं। इसमें एक व्यापारियों की दुकानें बचाने की है और दूसरी लड़ाई उनको जेल भिजवाने की है जिन्होंने न्यायालय को गुमराह कर आज व्यापारियों के सामने यह स्थिति खड़ी की है।

आजिविका बचाने की है लड़ाई- शैंकी वर्मा

व्यापारी नेता शैंकी वर्मा ने बताया कि माननीय न्यायालय के फैसले का हम सम्मान करते हैं । व्यापारियों के बुरे समय मेंउनकी हिम्मत बनना और उनकी आजिविका को बचाने में उनके हक में लड़ाई लड़ने के लिए हम यहां पहुंचे हैं।

सदमें में हो रही व्यापारियों की मौत- जीतू नागपाल

व्यापारी नेता जीतू नागपाल ने बताया कि ध्वस्तीकरण के आदेश व्यापारी सदमें में हैं। पिछले 15 दिनों में 4 व्यापारियों की मौत हो चुकी है। आवास विकास के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीडन किया जा रहा है हम ऐसा नहीं होने देंगे।

न्यायालय के आदेश पर होगी कार्रवाई

आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कारवाई सु्प्रीम कोर्ट  के आदेश के अनुसार ही की जाएगी । इसको लेकर रूप रेखा तैयार की जा रही है। बुलडोजर भी मंगाने के लिए तारीख तय हो गई है।



  धरने पर पहुंचे सीओ सिविल लाइन 

   आवास विकास पर धरने पर बैठे व्यापारियों  के बीच में सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी पहुंचे। इस दौरान व्यापारियों का कहना था अगर उनके प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर चल गया तो वह सड़कों पर आ जाएंगे। महिलाओं का कहना था उन्होंने व्यापार को बढ़ाने के लिए बैंक से लोन लिया था। अगर सब कुछ उजड़ गया तो वह कर्ज कैसे चुकाएंगे। बैंक की किस्त कैसे देंगे। उन्होंने आवास विकास के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।जिन्होंने कागजो में हेराफेरी कर उन्होंने व्यापारियों के खिलाफ षडयत्र रचा। 

 

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