अब शादियों में भटिठयों पर बनेंगे पकवान
कैटरर्स ने निकालीं पुरानी भट्ठियां, शादियों में मेहमानों की घट सकती है संख्या
मेरठ। खा़डी में ईरान -इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस की किल्लत के चलते अब चीजे बदलने वाली है। कामर्शियल गैस सिलेडंरों की सप्लाई बंद होने से कैटरर्स ने अब पुराने दौर की तरह कोयल व लकड़ी की भट्ठियों पर ही पकवान बनते नजर आएंगे। किसी ने पुरानी भट्ठियां निकाल ली हैं तो किसी ने नई खरीदने का आर्डर दे दिया है। कुछ कैटरर्स आयोजकों से ही सिलेंडर मांग रहे हैं। अचानक बढ़ी इस मांग के कारण भट्ठियों और कोयले की भी किल्लत होने लगी है।
मिलिड ईस्ट में चल रहे युद्ध के चलते सरकार ने घरेलू सिलेडरों के रेट में साठ रूपये की बढोत्तरी करतते हुए कामर्शियल सिलेड़रों के रेट मे बढोत्तरी करते एस्मा लगा दिया है। सरकार ने कमर्शियल सिलेड़रों पर फिलहाल रोक लगा दी है। ऐसे कामर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से शादी या किसी तरह के आयोजनों का स्वरूप अब बदलने वाला है। हालात ऐसे हैं कि जहां पहले बड़े-बड़े बुफे के बीच तरह-तरह के पकवान तैयार होते थे लेकिन अब पकवानों में कटौती होने वाली है। यही नहीं मेहमानों की संख्या भी घट सकती है।
कैटरर्स का कहना है कि शादियों की बुकिंग है, लेकिन कामर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में वे मजबूरी में पुराने तरीकों की ओर लौट रहे हैं। कई कैटरर्स ने तो साफ कह दिया है कि अगर लड़की वालों की ओर से सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएं तो वे खाना बनाने की जिम्मेदारी ले लेंगे, वरना नई बुकिंग लेना मुश्किल होगा।
इस संकट का असर सीधे शादी समारोहों के स्वरूप पर पड़ने लगा है। आयोजकों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो मेहमानों की संख्या सीमित करनी पड़ेगी और मेन्यू भी छोटा करना होगा।
मेरठ मंडप एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल सिंघल का कहना है कि अचानक बंद हुई सप्लाई के कारण समस्या आ गई है। मंडपों के पास दो-तीन शादियों की बुकिंग संपन्न करने का ही स्टाक है। नई बुकिंग के लिए आयोजकों से सिलेंडर उपलब्ध कराने पर भी बात चल रही है। थर्ड माइल स्टोन होटल व मंडप के निदेशक कुलदीप का कहना है कि नई बुकिंग नहीं ली जा रही है क्योंकि बिना सिलिंडर के काम नहीं चल सकता।
कुछ आयोजक जिनके कार्ड अभी कम बंटे हैं वे मेहमानों की संख्या घटाने पर चर्चा करने लगे हैं। खेमा हलवाई कैटरर्स के निदेशक आकाश खेमचंद का कहना है कि सिलडर मिल नहीं रहे हैं। बुकिंग निरस्त नहीं कर सकते हैं, ऐसे में भट्ठियां ही सहारा हैं।
उनके पास बड़े स्तर के आर्डर रहते हैं इसलिए गुजरात से बड़े आकार की दो भट्ठी आर्डर की है। आरएस कैटरर्स के निदेशक क्षितिज माथुर का कहना है कि उनके पास पुरानी भट्ठियां थीं, उसे ही निकाल रहे हैं। हालांकि भट्ठियों पर पकवान बनने में समय लगता है, इसलिए हो सकता है कि कम पकवान बनाने पर भी लोग विचार करें।
नितांत कैटरर्स के निदेशक नितांत बंसल का कहना है कि जो बुकिंग पहले से है उसको ही विधिवत तरीके से करने में चुनौती है, इसलिए नई बुकिंग बंद कर दी है।
घर मे लगा हे गेस गैस का कनेक्शन फिर पर सिलेड़र लेने की लगी होड़
शहर में करीब 55 हजार से अधिक गेल के गैस कनेन्शन है। इसमें काफी उपभोक्ता ऐसे है। जिनके पास विभिन्न् कपंनियों के गैस कनेक्शन है। गैस की किल्लत को देखते हुए अब गेल के कनेक्शन धारक भीअपने घराें में रखे सिलेड़रों को भरवाने में जुटे है। उन्हें आशंका लग रही है। कही गैस की सप्लाई बंद न हो जाए ऐसे में वह खाना कैसे बनाएगे। इस कारण अपने खाली रखे सिलेड़रों को भरवाने में जुटे है।
गैस कंपनियों के बुकिंग व हेल्प लाइन ठप
खाड़ी युद्ध के कारण गैस की बढ़ती कीमतों के चलते लोगों में एक दहशत बनी हुई है। कही गैस की किल्लत न बन जाए। इसके कारण से लोगों ने गैस एजेसियों से सम्पर्क साधना आरंभ किया। इस कारण से कंपनियों के सर्वर पर दबाव बढ़ने के उन पर असर दिखाई देने लगा है। स्थिति यह हो गया है। चाहे वह इंडियन गैस हो या भारत गैस या फिर हिन्दुस्तान गैस कंपनी हो । सबकी ऑन लाइन बुकिंग फिलहाल बंद हो गयी है। एजेंसियों द्वारा दिए गये हेल्प लाइन नम्बर पर काम नहीं कर रहे है। इस कारण लोगों का रूख एंजेसियों की ओर हो गया है। इस कारण से सुबह से शाम तक गैस एंजेसियों पर ग्राहकों की भीड़ समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। यही हाल संबधित गैस कंपनियों के गोदामों पर देखने को मिल रही है।
गैस की कोई किल्लत नहीं - डीएम
इस बारे में डीएम डा. वी के सिंह का कहना है गैस की किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। लोगों को आसानी से सिलेड़र मिल रहा है। पेनिक होने की जरूरत नहीं है। एंजेसियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अगर कोई शिकायत मिलती है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी


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