गैस की किल्लत के चलते दुकानों पर इडक्शन चुल्हे की बढ़ी मांग
दुकानदार बोले हालात नहीं बदले तो इंडक्शन मिलने भी मुश्किल हो जाएंगे
मेरठ। मेरठ समेत वेस्ट यूपी में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत का असर देखने को मिल रहा है। गैस एजेंसी व गोदामों पर लगी लाइन इस बात को गवाह बन रही है। कही कुछ तो गड़बड़ है। गैस की अनिश्चित सप्लाई के कारण लोग अब वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन चूल्हों की ओर जा रहे हैं। इंडक्शन विक्रेताओं के अनुसार मेरठ में पिछले4 दिनों में इंडक्शन की मांग में 25% का इजाफा हो गया है। दुकानदारों के अनुसार लोग दुकानों पर तो इंडक्शन लेने आ ही रहे हैं ऑनलाइन भी इंडक्शन की खरीदारी बढ़ गई है।विक्रेताओं का कहना है अगर यही पैनिक वाले हालात रहे तो आने वाले 5-7 दिनों में इंडक्शन की शॉर्टेज भी हो सकती है।
सदर बाजार के दीपक स्टोर के संचालक दीपक रस्तौगी ने बताया कि गैस की किल्लत का सीधा असर इलेक्ट्रिकल उपकरणों की बिक्री पर पड़ा है। खासतौर पर इंडक्शन चूल्हों की बिक्री बढ़ी है। बाजार में इंडक्शन की कीमत करीब 1550 रुपये से लेकर 5–6 हजार रुपये तक है। इसमें 2500 से 3000 रुपये के इंडक्शन की डिमांड ज्यादा है। अगर यही हालात रहे तो इंडक्शन की भी शॉर्टेज मार्केट में हो जाएगी।
रोजाना 10-15 कस्टमर इंडक्शन के लिए आ रहे
सजल इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक सजल अग्रवाल ने बताया कि जिन इंडक्शन का मार्केट काफी डाउन आ गया था, वही इंडक्शन अब डिमांड में आ गए हैं। ये हालात कब तक रहेंगे कुछ नहीं कह सकते। लेकिन अब इंडक्शन की मांग में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी जरूर हुई है। मेरे ही पास पिछले 3 दिनों से दिनभर में 10-15 कस्टमर इंडक्शन की जानकारी लेने आ रहे हैं। भले ये सभी 15 कस्टमर इंडक्शन आज नहीं खरीद रहे लेकिन वो क्वैरी कर रहे हैं। कौन सी कंपनी का कैसा इंडक्शन लेना अच्छा रहेगा। क्या कीमतें हैं इसकी क्वैरी भी बढ़ गई है। नो डाउट इंडक्शन की बिक्री भी पहले से बढ़ी है। ये आगे और भी बढ़ने के आसार हैं।
मांग बढ़ते ही कीमतें भी बढ़ने लगी
इलेक्ट्रानिक शोरूम संचालक प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि पिछले चार दिनों में इंडक्शन की डिमांड तेजी से बढ़ी है। मार्केट में कंपनियों ने भी इंडक्शन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। जो इंडक्शन पहले करीब 2000 रुपये में मिलता था, वह अब 2200 से 2250 रुपये तक पहुंच गया है।
इंडक्शन के साथ कुकिंग अप्लायंस की भी डिमांड
आबूलेन में मनोचा सेल्स के संचालक बंटी मनोचा का कहना है कि गैस की किल्लत के चलते बाजार में इंडक्शन की डिमांड तो हाई है ही, इसके साथ दूसरे कुकिंग अप्लायंस के बिजनेस, डिमांड पर भी असर आया है। एयर फ्रॉयर, इलेक्ट्रानिक कुकर, इलेक्ट्रिक राइस कुकर, ओटीजी, माइक्रोबेव, इलेक्ट्रानिक तंदूर, रोटी मेकर, इलेक्ट्रिक कैटल, एग बॉयलर, इलेक्ट्रिक लंच, ओवन इनकी भी क्वैरी, डिमांड बढ़ी है। ये सभी बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रानिक कुकिंग अप्लायंस हैं। जिनकी मदद से बिना गैस के भी लोग कुकिंग कर सकते हैं। लगभग सभी कंपनियों में एडवांस फीचर्स वाले कुकिंग अप्लायंस हैं। इनकी मदद से ज्यादा और कम दोनों तरह की कुकिंग हो सकती है। तो जिस हिसाब से गैस का संकट खड़ा हो रहा है। लोग कुकिंग को पूरी तरह अप्लायंस पर शिफ्ट करना चाहते हैं। क्योंकि अब केरोसिन स्टोव, चूल्हा, अंगीठी पर हरकोई खाना नहीं बना सकता। लोगों के पास मॉडर्न किचन हैं, टाइम कम है। इसलिए वो सेफ और जल्दी कुकिंग चाहते हैं। जो इलेक्ट्रानिक अप्लायंस से ही हो सकती है। इन चीजों की भी डिमांड, बिक्री बढ़ी है।
दो दिनों में 20 फीसद तक बढ़ा बाजार
मेरठ में इलेक्ट्रानिक अप्लायंस के थोक डीलर अतुल सिंघल बताते हैं कि रोजाना शहर में कितने इंडक्शन बिकते हैं ये कहना तो मुश्किल है। लेकिन इतना है पिछले तीन दिन में जिले में इंडक्शन के साथ जो दूसरे कुकिंग अप्लायंस हैं उनका कारोबार लगभग 20 फीसद तक बढ़ गया है। लोग पूछने आ रहे हैं और खरीद भी रहे हैं। कंपनियां भी डीलर्स से सीधे इंडक्शन और अप्लायंस पर बात कर रही हैं। ऑनलाइन शॉपिंग, मॉल्स, बड़े आउटलेट्स के जरिए भी इनकी बिक्री हो रही है। इसे लाखों, करोड़ों में काउंट तो नहीं कर सकते। लेकिन डिमांड बढ़ी है।गैस की किल्लत ने बढ़ाई इंडक्शन की मांग:मेरठ में दुकानदार बोले हालात नहीं बदले तो इंडक्शन मिलने भी मुश्किल हो जाएंगे


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