ईमानदारी और सदाचार से जियो, तभी समाज याद रखेगा: टिकैत
लोकतंत्र सेनानी चौधरी जयपाल सिंह नौरौजपुर की श्रद्धांजलि सभा में जुटे गणमान्य लोग
पुरखों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान, सादगी और शुचिता भरे जीवन को किया याद
बागपत। जनपद के नौरोजपुर गुर्जर गांव में लोकतंत्र सेनानी चौधरी जयपाल सिंह की श्रद्धांजलि सभा भावपूर्ण माहौल में आयोजित हुई, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने चौधरी जयपाल सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि चौधरी जयपाल सिंह का जीवन हमें ईमानदारी और सदाचार का संदेश देता है। समाज अंततः उन्हीं लोगों को याद रखता है जो अच्छे कर्म करते हैं। नई पीढ़ी में बढ़ती बुराइयों का कारण यह है कि हम अपने पुरखों के सत्कर्मों को उनके सामने नहीं रख पा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का शोक संदेश लेकर पहुंचे समरपाल सिंह ने कहा कि चौधरी जयपाल सिंह से उनका गहरा आत्मीय संबंध था और उन्होंने जीवन भर समाज की बेहतरी के लिए कार्य किया।
मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद हरपाल पंवार ने उन्हें शिष्टाचार और मेहमाननवाजी का प्रतीक बताते हुए समाज की अपूरणीय क्षति बताया। हरियाणा के जींद से आए खाप चौधरी रघुवीर नैन ने कहा कि पाखंड से दूर रहकर सादगीपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा चौधरी जयपाल सिंह जैसे व्यक्तित्व से मिलती है।
विधायक योगेश धामा ने कहा कि ‘बाबूजी’ के नाम से प्रसिद्ध चौधरी जयपाल सिंह सियासत की गहरी समझ रखते थे और एक शिक्षक की तरह लोगों का मार्गदर्शन करते थे। चौहान खाप के विवेक चौहान ने कहा कि उनकी शब्दों पर गहरी पकड़ थी और जब वे बोलते थे तो लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे। दानघड़ खाप के कैप्टन विनोद ने कहा कि समाज में बदलाव लाना है तो पुरखों की विरासत को सहेजकर रखना होगा। धनखड़ खाप के बिजेंद्र सिंह ने कहा कि चौधरी जयपाल सिंह अपनी बेबाकी और ईमानदारी के कारण पूरे इलाके में लोकप्रिय थे।
प्रोफेसर धीरेंद्र सिंह ने कहा कि चौधरी जयपाल सिंह हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। पूर्व एमएलसी जगत सिंह ने माया त्यागी कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि चौधरी जयपाल सिंह ने पीड़ित को इंसाफ दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
बागपत जिला जाट सभा के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने कहा कि चौधरी जयपाल सिंह के संरक्षण में संगठन ने ज़मीनी स्तर पर काम किए और वे शालीनता व बेबाकी की मिसाल थे। भाजपा के जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने उनके जीवन को अनुकरणीय बताया।
अर्जुन अवॉर्डी पहलवान शोकेंद्र तोमर और एशिया चैंपियन सुभाष पहलवान ने कहा कि चौधरी जयपाल सिंह का सानिध्य मिलना बड़ी बात थी। उन्होंने कहा कि नैतिकता, ईमानदारी और बेबाकी के कारण भले ही उन्हें सियासत में वह मुकाम न मिला हो जिसके वे हकदार थे, लेकिन उन्होंने समाज में ऊँची प्रतिष्ठा अर्जित की।
इस मौके पर नरेश टिकैत और खाप चौधरियों ने जयपाल सिंह के बड़े पुत्र सत्यपाल सिंह के सिर पर पगड़ी बांधी।
राज्य निर्माण एवं श्रम विकास संघ लिमिटेड के चेयरमैन यशवीर सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंदपाल राणा, छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, वीरपाल राठी, साहब सिंह, बागपत गन्ना समिति चेयरमैन कृष्णपाल सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. कुलप्रकाश, रालोद जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार सिंह, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. जगपाल तेवतिया सहित अनेक गणमान्य लोगों ने चौधरी जयपाल सिंह के आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्व मंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने श्रद्धांजलि सभा में आए लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चौधरी जयपाल सिंह शिष्टाचार और शालीनता की चलती-फिरती पाठशाला थे। उन्होंने जीवन भर निष्कलंक राजनीति की और अपने आचरण में राजनीतिक शुचिता व सभ्यता को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि वे कभी किसी लाभ के पद पर नहीं रहे, लेकिन सियासत में पदों से कहीं ऊँची प्रतिष्ठा हासिल की। अब नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि उनके उसूलों को आगे बढ़ाए।
सभा का संचालन डॉ. रवीन्द्र प्रताप राणा और नगेन्द्र सिंह ने किया।
जाट सभा के अध्यक्ष एचपी सिंह परिहार, बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, पूर्व सांसद ठाकुर विजयपाल तथा आचार्य जयप्रकाश प्रेमदेव ने भी शोक संदेश भेजकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके अतिरिक्त डॉ. सत्यपाल सिंह, जयप्रकाश तोमर, सुखबीर गठीना, देवेन्द्र धामा, परविंदर धामा, धर्मपाल, रविंद्र बली, रामपाल धामा, कल्याण सिंह, आस मोहम्मद, पंडित जय भगवान शर्मा, राजेंद्र यादव, चरण सिंह बिचपड़ी, गजेंद्र बली, जयवीर तोमर सहित अनेक लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।


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