कच्चे तेल के119 डॉ़लर पहुंचने पर शेयर मार्केट में आया भूचाल 

 2200 अंक गिरा सेंसेक्स, निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ स्वाहा

 मुंबई ,एजेंसी।  पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने दलाल स्ट्रीट पर कोहराम मचा दिया है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को  शेयर बाजार खुलने के 5 सेकंड के अंदर ही निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ स्वाहा हो गए।  पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने दलाल स्ट्रीट पर कोहराम मचा दिया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनातनी अब एक खतरनाक मोड़ ले चुकी है, जिसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ हमारी और आपकी जेब पर पड़ने लगा है। हालत यह है कि सेंसेक्स और निफ्टी भरभरा कर गिर पड़े हैं और चारों तरफ बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है। 

सेंसेक्स-निफ्टी में हाहाकार

सोमवार की सुबह जब बाजार खुला, तो स्क्रीन पर भारी गिरावट के संकेत नजर आने लगे। सुबह 9 बजकर 21 मिनट तक ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 2,272 अंक (करीब 2.87 प्रतिशत) का गोता लगाकर 76,621 के स्तर पर आ गिरा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी का भी बुरा हाल रहा। निफ्टी लगभग 706 अंक (2.89 प्रतिशत) टूटकर 23,743 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो एक समय 500 अंकों से भी ज्यादा नीचे ट्रेड कर रहा था।

यह कोई अचानक आई गिरावट नहीं है। इससे पहले शुक्रवार को भी बाजार का मिजाज काफी खराब था, जब सेंसेक्स करीब 1,097 अंक गिरकर 78,918 और निफ्टी 315 अंक फिसलकर 24,450 के स्तर पर बंद हुआ था। यह लगातार गिरावट आम निवेशकों के मन में गहरी चिंता पैदा कर रही है।

 डरा हुआ है बाजार

बाजार में मची इस भारी तबाही की मुख्य वजह सात समंदर पार चल रहा भीषण भू-राजनीतिक तनाव है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच का संघर्ष अब एक ऐसे बिंदु पर पहुंच गया है। जहां से ऊर्जा आपूर्ति का संकट गहरा गया है। ईरान ने फारस की खाड़ी में कुछ बेहद अहम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है। इसके जवाब में इजरायल ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए तेहरान के प्रमुख तेल डिपो पर हमला बोल दिया है।

इस सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया के बाजारों में हाहाकार मचा दिया है. इसी डर के कारण कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतों में भयंकर उछाल आया है और यह 117 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर को पार कर गया है. कच्चे तेल का यह उबाल सीधे महंगाई को न्योता देता है. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी खौफ का माहौल है, जहां 7 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है.

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