सुभारती में प्लस एक्स इलेक्ट्रिक ई-साइकिल का हुआ शुभारंभ
मेरठ।स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में नवाचार, बौद्धिक संपदा अधिकार एवं प्रोटोटाइप विकास पर केंद्रित एक विशेष शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बंसल आईपी एसोसिएट्स, पंजाब से डॉ. परिक्षित बंसल एवं श्रीमती कोमल बंसल ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सहभागिता की।
सत्र का उद्देश्य नवाचार-आधारित उत्पाद विकास, बौद्धिक संपदा संरक्षण तथा व्यावसायीकरण की व्यावहारिक रणनीतियों से संकाय सदस्यों एवं शोधकर्ताओं को अवगत कराना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर आर. के. जैन के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अकादमिक अनुसंधान को व्यावहारिक एवं बाज़ार-उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित करने के लिए नवाचार और आई.पी.आर जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।
सत्र का औपचारिक उद्घाटन डीन–अनुसंधान एवं विकास प्रोफेसर डॉ. वैभव गोयल भारतीया द्वारा किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने में संरचित आई.पी.आर समर्थन एवं प्रोटोटाइप विकास की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर डॉ. शाल्या राज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान, नवाचार एवं सतत उत्पाद विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए उद्योग–अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आयोजन समिति को बधाई दी। शैक्षणिक संवाद सत्र के दौरान डॉ. परिक्षित बंसल एवं श्रीमती कोमल बंसल ने नवाचार, उत्पाद डिज़ाइन, पेटेंट फाइलिंग, बौद्धिक संपदा संरक्षण तथा बाज़ार-उन्मुख प्रोटोटाइप विकास पर अपने विशेषज्ञ विचार साझा किए। सत्र ने शोध विचारों को संरक्षित, विस्तार योग्य एवं व्यावसायिक उत्पादों में रूपांतरित करने की व्यावहारिक समझ प्रदान की। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विश्वविद्यालय परिसर में PlusX Electric की ई-साइकिलों का शुभारंभ रहा। यह पहल विश्वविद्यालय की सतत विकास एवं हरित नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्लस एक्स इलेक्ट्रिक एक अग्रणी मोबिलिटी-टेक कंपनी है, जो इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है।
इस अवसर पर प्लस एक्स इलेक्ट्रिक के सीईओ (इंडिया) श्री शिवम सरीन की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्लस एक्स इलेक्ट्रिक ई-साइकिल शुभारंभ की प्रमुख विशेषताएँ:- परिसर में पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत परिवहन को बढ़ावा , कार्बन उत्सर्जन एवं पर्यावरणीय प्रभाव में कमी, स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन समाधानों को प्रोत्साहन, नवाचार-आधारित हरित पहलों को समर्थन, स्वस्थ एवं हरित
इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. लुभान सिंह, अतिरिक्त निदेशक (फंडिंग एवं ग्रांट्स) प्रोफेसर संगीता दयाल, आई.पी.आर सेल की प्रभारी डॉ. निशा राणा सहित विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डीन–अनुसंधान एवं विकास, प्रोफेसर डॉ. वैभव गोयल भारतीय द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विशेषज्ञों, अतिथियों एवं आयोजन समिति के प्रति सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया। यह सत्र स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में नवाचार, बौद्धिक संपदा जागरूकता, प्रोटोटाइप विकास एवं सतत प्रथाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।


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