फ्लेक्सी कैप फंड्स बने पहली पसंद बाज़ार में उथल पुथल के बीच मेरठ के निवेशकों का भरोसा

मेरठ। बदलते वैश्विक संकेतों और बाज़ार के उतार-चढ़ाव के बीच, फ्लेक्सी कैप फंड्स खुदरा निवेशकों की पहली पसंद बन गए हैं। ये फंड उन निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरे हैं जो कम अस्थिरता के साथ बेहतर विकास का संतुलन चाहते हैं। निवेशकों की पसंद बदल रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2025 में निवेशकों ने दूसरे फंड्स को छोड़कर सबसे ज्यादा भरोसा फ्लेक्सी कैप फंड्स पर दिखाया और इसमें बहुत निवेश हुआ।

टाटा एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ (इक्विटीज़) राहुल सिंह का कहना है बाजार हमेशा एक जैसा नहीं रहता। फ्लेक्सी कैप रणनीति हमें बाजार के बदलते हालातों के हिसाब से चलने की आजादी देती है। जब जरूरत होती है, तो हम छोटे लेकिन महंगे शेयरों से निकलकर बड़ी और सुरक्षित कंपनियों में निवेश कर लेते हैं। इससे निवेशकों को खुद यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि बाजार में कब पैसा लगाना है या कब निकालना है; इस तरह, उनके निवेश की सुरक्षा और विकास की रफ्तार एक कुशल फंड मैनेजर के हाथों में रहती है।"

एएमएफआई के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में निवेशकों ने फ्लेक्सी कैप फंड्स में रिकॉर्ड 80,978 करोड़ का निवेश किया। यह रकम स्मॉल-कैप (52,321 करोड़) और मिड-कैप (49,939 करोड़) जैसे बड़े फंड्स की तुलना में लगभग दोगुनी है। निवेश की यह रफ़्तार दिसंबर 2025 में सबसे ज्यादा रही, जब अकेले एक महीने में 10,019.27 करोड़ का निवेश हुआ, जो पिछले महीने के मुकाबले 23प्रतिशत ज्यादा है। बाज़ार के इसी ट्रेंड को देखते हुए, टाटा फ्लेक्सी कैप फंड की लोकप्रियता भी बढ़ी है। 31 दिसंबर 2025 तक, इस फंड के पास कुल जमा पूंजी करीब 3,700 करोड़ हो गई, जो पिछले साल के मुकाबले 27.5प्रतिशत ज्यादा है। यह दिखाता है कि रिटेल निवेशक टाटा की फ्लेक्सी-कैप रणनीति पर काफी भरोसा जता रहे हैं।  निवेशकों का यह बढ़ता उत्साह क्षेत्रीय स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मेरठ में, टाटा फ्लेक्सी कैप फंड ने जनवरी 2026 में 1,06,54,966 की कुल बिक्री दर्ज की है, जो जनवरी 2025 के मुकाबले 291प्रतिशत की भारी बढ़त है। इतनी बड़ी उछाल यह दर्शाती है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच छोटे शहरों के रिटेल निवेशक अब अधिक जागरूक हो रहे हैं और ऐसी निवेश रणनीतियों को चुन रहे हैं जो लचीली हों। आम निवेशकों के लिए फ्लेक्सी कैप फंड निवेश के सही समय को चुनने की उलझन को खत्म कर देते हैं। इस फंड में मैनेजर के पास कहीं भी निवेश करने की आजादी होती है। जब बाजार अच्छा चल रहा हो, तो वे ज्यादा मुनाफे के लिए स्मॉल और मिड-कैप शेयरों में पैसा लगाते हैं, और जब बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है, तो सुरक्षा के लिए लार्ज-कैप कंपनियों का रुख करते हैं।

यह लचीलापन न केवल कमाई के मौके बढ़ाता है, बल्कि जोखिम को भी कम करता है। निवेशकों को इस वर्सेटाइल कैटेगरी के फायदों के बारे में और ज़्यादा जानकारी देने के लिए, टाटा म्यूचुअल फंड ने हाल ही में अपना फुल फ्लेक्सी कैंपेन लॉन्च किया है। यह एक स्ट्रेटेजिक पहल है जिसे लंबे समय में संपत्ति बनाने के लिए एसेट एलोकेशन में लचीलेपन के महत्व को बढ़ावा देना है। रिटेल निवेशकों के लिए, फ्लेक्सी-कैप फंड निवेश का एक महत्वपूर्ण ज़रिया हो सकते हैं क्योंकि ये अलग-अलग तरह की कंपनियों में पैसा लगाकर बाज़ार के बदलते चक्रों को बखूबी संभाल लेते हैं। निवेशक बाज़ार के उतार-चढ़ाव वाले समय में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के माध्यम से अपने निवेश की लागत को औसत कर सकता है।

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