मरीज की बिकिनी इन्सीजन तकनीक से सफल डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के हडडी रोग विभाग ने नई उपलब्धियाँ हासिल बिकिनी इन्सीजन तकनीक से एक मरीज के डीएए हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की है। सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह ठीक है।
में मवाना निवासी 28 वर्षीय मरीज गौरव कुमार पिछले एक वर्ष से बाएं कूल्हे में लगातार दर्द एवं जकड़न से परेशान थे। कई चिकित्सालयों में उपचार कराने के बावजूद उन्हें स्थायी राहत नहीं मिली। उन्होंने मेडिकल कॉलेज मेरठ में हड्डी रोग विभाग में संपर्क किया, कहा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जाँचोपरांत संज्ञान में आया कि मरीज़ बाएं कूल्हे में एवैस्कुलर नेक्रोसिस (AVN) की गंभीर बीमारी से ग्रसित है, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें हिप रिप्लेसमेंट की सलाह दी। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ के हड्डी रोग विभाग में डॉ. कृतेश मिश्रा एवं उनकी टीम द्वारा मरीज का सफलतापूर्वक डायरेक्ट एंटीरियर एप्रोच (DAA) हिप रिप्लेसमेंट आधुनिक “बिकिनी इन्सीजन” तकनीक से किया गया। इस तकनीक में चीरा त्वचा की प्राकृतिक रेखा के समानांतर दिया जाता है, जिससे घाव का निशान कम दिखाई देता है और बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।
DAA पद्धति में मांसपेशियों को काटने के बजाय उनके बीच से सर्जरी की जाती है, जिससे ऑपरेशन के बाद दर्द कम, रक्तस्राव कम तथा रिकवरी तेज होती है। विशेष रूप से युवा एवं सक्रिय मरीजों के लिए यह तकनीक बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम और शीघ्र सामान्य जीवन में वापसी सुनिश्चित करती है। इस सफल सर्जरी में एनेस्थीसिया टीम से डॉ. योगेश मणिक एवं डॉ. प्रमोद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सर्जरी पूर्णतः सफल रही, मरीज़ ऑपरेशन के अगले दिन से ही सामान्य रूप से चलने लगा है एवं तेजी से सामान्य जीवन की ओर अग्रसर है।ऑर्थोपेडिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ ज्ञानेश्वर टाँक ने इस सफलता पर कहा कि विभाग में आधुनिक एवं मांसपेशी-संरक्षण तकनीकों का उपयोग मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्राचार्य प्रो. डॉ आर. सी. गुप्ता ने भी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में नवीनतम तकनीकों के माध्यम से क्षेत्र के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।


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