रजिस्ट्री में पैन कार्ड व आधार कार्ड की अनिवार्यता से मेरठ में बैनामों में आयी गिरावट
रजिस्ट्री कार्यालय में बैनाम कराने में आयी 40 से 50 प्रतिशत की गिरावट
अपनी पहचान गुप्त रखने वालों को आ रही सबसे ज्यादा परेशानी
मेरठ । संपत्ति की खरीद फरोख्त के लिए पैन कार्ड व आधार की एक फरवरी अनिर्वायता करने के बाद मेरठ में रजिस्ट्री कराने वालों का ग्राफ तेजी से गिर गया है। जहां पहले प्रति दिन 400 -500 रजिस्ट्री होती है। अब कचहरी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर रजिस्ट्री कराने की संख्या पचास प्रतिशत रह गयी है। रजिस्ट्री कम होने से स्टांप की ब्रिकी कम हो गयी है। जिसके कारण स्टांप विक्रेताओं को काफी नुकसान हो रहा है।
प्रदेश सरकार ने संपत्ति की खरीद -फरोख्त करने वालों के लिए एक फरवरी से नियम को सख्त कर दिया है। रजिस्ट्री कराते वक्त अब प्रोपट्री बेचने व खरीदने वालों के लिए पैन कार्ड व आधार का वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया है। कचहरी स्थित रजिस्ट्री एक माह पूर्व रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ लगी रहती थी। लेकिन नियमों में बदलाव के कारण अब रजिस्ट्री कार्यालय में इसका ग्राफ तेजी से गिर गया है। जहां पहले चार सौ से पांच सौ रजिस्ट्री प्रतििदन होती थी अब इसमें पचास प्रतिशत की गिरावट आ गयी है। अब रजिस्ट्री कार्यालय में गिने चुने लोग आ रहे है।वही सरधना व मवाना में भी यही स्थिति बनी हुई है। निबंधन अधकारी कुछ कहने से बच रहे है। सख्ती का असर सबसे ज्यादा उन लोगों को पड़ रहा है। जो रजिट्री में अपना नाम गुप्त रख कर रजिस्ट्री कराते थे।
रजिस्ट्री कार्यालय में बिना आधार ऑथेंटिकेशन के कारण रजिस्ट्री फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। अंगूठे के निशान और डाटा मैच न होने की स्थिति में काम अटक रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी रियल स्टेट के लोगों को हाे रही है। काफी लोगों के रजिस्ट्री के आवेदन अंगू्ठे व आधार का मिलान न होने से रिजेक्ट हो गये है।
स्टांप बिक्रेताओं पर पड़ रहा असर
सरकार द्वारा रजिस्ट्री में पैन कार्ड्र आधार कार्ड की अनिवार्यता के आदेश के बाद इसका सबसे ज्यादा असर स्टांप वेंडर पर पड़ रहा है। स्टांप विक्रेता संदीप कुमार ने बताया जहां फरवरी से पहले प्रति दिन तीन से चार लाख के स्टांप बिकते थे अब ये एकलाख केआसपास पहुंच गयी है।


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