रिटायर्ड डीएसपी  ने  एक ही इवेंट में जीते 9 मेडल

वर्ल्ड पुलिस गेम्स टूर्नामेंट में 12 मेडल के अलावा पुलिस सर्विस में रहते हुए राष्ट्रपति मेडल भी पा चुके हैं 28 मेडल 

मेरठ।  दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र भी हौसले की उड़ान को नहीं रोक पाती. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है यूपी पुलिस में डीएसपी से सेवानिवृत्त 69 साल के जगदीश सिंह ने। 2016 में रिटायर हुए जगदीश सिंह के नाम मैराथन में कई रिकॉर्ड हैं। अब तक अलग-अलग प्रतियोगिताओं में 38 मेडल पा चुके हैं। एक ही प्रतियोगिता में अलग-अलग इवेंट में वर्ल्ड लेवल पर 9 मेडल हासिल किया है। 

जगदीश सिंह खुद को एथलीट माइकल फेल्प्स से प्रभावित बताते हैं. माइकल फेल्प्स ने पांच ओलंपिक खेलों में कुल 28 पदक (23 स्वर्ण, 3 रजत, 2 कांस्य) जीतकर रिकॉर्ड बनाया है। वर्ल्ड पुलिस गेम्स टूर्नामेंट में जगदीश सिंह अब तक 12 मेडल, पुलिस सर्विस में रहते हुए राष्ट्रपति मेडल के साथ ही 25 नेशनल मेडल पा चुके हैं। वहीं तमाम मास्टर्स प्रतियोगिताओं में जाना प्रतिभाग करना उनकी आदत शुमार है।

रिटायरमेंट के बाद 20 किमी मैराथन में लिया हिस्सा 

 जगदीश सिंह बताते हैं, 1980 में यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के तौर भर्ती हुआ था। पढ़ाई के दौरान भी खेलों में काफी एक्टिव रहता था, जब पढ़ाई करता था, उस दौरान 10 किलोमीटर लंबी रेस में भी प्रतिभाग करता रहता था और मेडल जीतता था। जगदीश सिंह कहते हैं, रिटायरमेंट के बाद 20 किलोमीटर की मैराथन में हिस्सा लेना शुरू किया। नौकरी में इतना समय नहीं मिलता था कि 21 किलोमीटर दौड़ हर दिन लगाता।

10 किमी दौड़ 57 मिनट में पूरी 

 जगदीश सिंह ने बताया, 2012 में पुलिस भर्ती बोर्ड की तरफ से यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर के लिए निर्धारित 10 किलोमीटर की दौड़ एक घंटे में पूरी करनी थी। मैंने 57 मिनट में पूरा कर लिया. जिससे वहां प्रतिभाग करने आए बच्चे भी बेहद प्रसन्न हुए थे तो कुछ हैरान हुए थे. दो साल पहले 10 किलोमीटर दौड़ को खेलो इंडिया गेम्स में प्रतिभाग करते हुए 53 मिनट में पूरी करके सिल्वर मेडल हासिल किया था।

एक ही इवेंट में 9 मेडल हासिल किए.

रिटायरमेंट के बाद पहली बार जीता था ब्रॉन्ज मेडल : जगदीश सिंह ने बताया, पुलिस की नौकरी के साथ मैं बेडमिंटन भी खेलता था। 2011 में ऑल इंडिया पुलिस में दूसरे स्थान पर रहा. सिल्वर मेडल से नवाजा गया था।2016 में रिटायर हुआ तो अपनी फिटनेस पर और ज्यादा ध्यान दिया।2017 में अमेरिका के लॉस एंजिलिस में पुलिस गेम्स में पहली बार प्रतिभाग करने पहुंचा. 10 किलोमीटर दौड़ (क्रॉस कंट्री) 54 मिनट में पूरी की जिसके लिए कांस्य पदक मिला।

नीदरलैंड में मिले थे दो गोल्ड 

 इसके बाद 2019 में चाइना गया, यहां सफलता नहीं मिली, हालांकी यहां भी 54 मिनट की समय अवधि में ही 10 किलोमीटर दौड़ पूरी की। उसके बाद कोरोना काल की वजह से 2021 में पुलिस गेम्स आयोजित नहीं किए गए। 2022 में फिर नीदरलैंड में वर्ल्ड पुलिस गेम्स हुए और वहां प्रतिभाग किया, जहां दो गोल्ड मेडल मिले. एक गोल्ड मेडल 10 किलोमीटर क्रॉस कंट्री रेस में मिला, जबकि दूसरी रेस जो कि स्टेडियम में होती है, उसमें भी गोल्ड अपने नाम किया। 

अब मिशन 2027 और 2029 की है तैयारी 

जगदीश सिंह बताते हैं कि 2027 में ऑस्ट्रेलिया में पुलिस गेम्स का आयोजन होने जा रहा है। इसकी तैयारी में लगा हूं।  योग- प्राणायाम से लेकर न सिर्फ साइकलिंग करता हूं, बल्कि तमाम एक्सरसाइज भी करता रहता हूं। पहली बार 2029 में पुलिस गेम्स का आयोजन गुजरात में होना प्रस्तावित है। ये सरकार का बेहद ही स्वागत योग्य प्रयास है। मैं 2029 को लेकर उत्साहित हूं और उस प्रतियोगिता में भी ज्यादा से ज्यादा मेडल जितने के लिए अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहा हूं। 

संभल जिले में सीओ रहे हैं जगदीश सिंह 

 जगदीश सिंह बताते हैं कि पुलिस में नौकरी के दौरान उनकी 24 जगह पोस्टिंग रही. मुरादाबाद और संभल जैसे संवेदनशील जिलों में भी उनकी पोस्टिंग रही । 2013 में जब मुजफ्फरनगर जिले में संघर्ष हुआ उस समय दो बार जिले की जानसठ तहसील में बतौर डिप्टी एसपी तैनात रहा। कानपुर के संवेदनशील क्षेत्र बेकनगंज औऱ मैनपुरी में भी तैनाती रही। तीन साल तक मथुरा में रहा। सम्भल में सीओ ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभाली. बहजोई और चंदौसी तहसील में भी रहे बतौर डिप्टी एसपी सेवाएं दी है।

एक ही प्रतियोगिता में जीते मेडल्स 

 जगदीश सिंह बताते हैं, जो 9 मेडल एक ही प्रतियोगिता में जीते हैं उनमें 21 किलोमीटर हाफ मैराथन भी शामिल है जिसे दो घंटे 12 मिनट में पूरी की थी। 10 किलोमीटर दौड़ 59 मिनट में पूरी की थी.।पहाड़ी क्षेत्र में दल -दल, घास और बालू पर होने वाली 10 किलोमीटर क्रॉस कंट्री दौड़ 62 मिनट में पूरी की थी।

बैडमिंटन खेल में भी जीते मैडल 

 इसी तरह 5 किलोमीटर दौड़ 28 मिनट में पूरी की. 800 मीटर दौड़ 3 मिनट 30 सेकंड में पूरी करने पर गोल्ड मेडल मिला था। बैडमिंटन में डबल्स में खेलते हुए मलेशिया के एक खिलाड़ी के साथ भाग लिया और सिल्वर मेडल जीता था। दो गोल्ड, चार सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल एक ही आयोजन में जीते थे। 12 मेडल वर्ल्ड पुलिस गेम्स में अब तक हासिल किये हैं। 

हार से नहीं होता निराश 

 जगदीश सिंह बताते हैं, हाल ही में एक फरवरी को दिल्ली में आयोजित हाफ मैराथन में (21 किलोमीटर लक्ष्य) 2 घंटा 8 मिनट का समय लगा। यहां आशातीत सफलता तो नहीं मिली, लेकिन बीते 6 महीने में 4 मिनट का सुधार किया है।

9 देशों में खेल चुके हैं 

 जगदीश सिंह बताते हैं, सिंगापुर मैराथन में भी भाग ले चुका हूं, लेकिन तब मेडल नहीं मिला था। अब तक अमेरिका, फ्रांस, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, इथोपिया, थाईलैंड, चीन और सिंगापुर में प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका हूं। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा, बहू, एक पोता और एक बेटी है. बेटा आर्मी में मेजर है. बेटी एमबीए के बाद एक निजी कंपनी में मार्केटिंग हेड है।

दौड़ने के बहुत हैं फायदे 

 जगदीश सिंह बताते हैं, दौड़ने के बहुत फायदे हैं. एक तो लंबी दूरी की रेस करने से आपकी सांस बनती है और आप स्वस्थ रहते हो। उम्र बढ़ती है और आपकी फिटनेस बनी रहती है। हड्डियों से संबंधित जो बीमारियां हैं वह समस्या नहीं होती। समय-समय पर साइकिलिंग करते रहने से कभी घुटने में दर्द नहीं होगा। अगर 60 की उम्र के पार कर चुके हैं तो रनिंग करते रहें। अपना वेट भी सिमित रखें. सुबह-सुबह 10 से 15 किलोमीटर साइकिल चलानी चाहिए। 

No comments:

Post a Comment

Popular Posts