पीएम मोदी की जनसभा में मुस्तैद रहेेगे 1200 पुलिसकर्मी
स्टेज के पास का एरिया एसपीजी के रहेगा हवाले
दूसरे सर्किल में प्रधान मंत्री की सुरक्षा में कंमाडो तैनात रहेंगे
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर मोहिउद्दीनपुर में तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। मोदी की जनसभा में 1200 तेज तर्रार पुलिसकर्मी रहेगी। वही स्टेज के आसपास की सुरक्षा एसपीजी के हवाले होगी। पंडाल के अंदर स्टेज का कार्य नब्बे प्रतिशत पूरा हो चुका है। स्टेज को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए दिन रात कर्मचारी लगे हुए है।
मोहिउद्दीनपुर स्थित इंटीग्रेटेड न्यू टाउनशिप की जमीन से पीएम मोदी कई बड़े संदेश देने की तैयारी में हैं। राजनीतिक जानकार इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के आगाज के रूप में देख रहे हैं। पीएम यहां से मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन की सौगात देंगे। साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे, जेवर एयरपोर्ट और क्षेत्र के अन्य एक्सप्रेस-वे का उल्लेख कर विकास की तस्वीर पेश करेंगे। पीएम मोदी और योगी गन्ने के बढ़ाए गए रेट का हवाला देकर भी किसानों को साधने का काम कर सकते हैं। किसानों, मजदूरों, युवाओं, व्यापारी सभी को साधने की तैयारी जनसभा स्थल पर चल रही तैयारियों में भी देखी जा सकती है।
सुगम आवागमन के लिए बनाई जा रही भव्य गैलरी
प्रशासन ने जनसभा स्थल तक पहुंचने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार किया है। दिल्ली रोड से छज्जुपुर जाने वाले मार्ग पर नाले की पुलिया के पास एक सुंदर गैलरी बनाई जा रही है।गेझा रोड और दिल्ली रोड के दूसरे संपर्क मार्गों से भी जनता को सभा स्थल तक लाने की व्यवस्था है। पीएम के आगमन के चलते पीडब्ल्यूडी और एनसीआरटीसी ने दिल्ली रोड को गड्ढा मुक्त करने और जर्जर बिजली तारों को बदलने का काम तेज कर दिया है।
मोहिउद्दीनपुर और मोहकमपुर में हेलिपैड तैयार
अधिकारियों ने बताया कि जर्मन हैंगर का काम लगभग 90% (अंतिम चरण) तक पहुंच गया है। सभा स्थल पर 5 और शताब्दीनगर मेट्रो स्टेशन के पास मोहकमपुर फेज-2 में 5 हेलिपैड बनाए जा रहे हैं। डीएम ने धूल कम करने के लिए पानी के छिड़काव और पार्किंग व्यवस्था को समय से दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
तैयारियों को अधिकारी लगातार कर रही समीक्षा
वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर, पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी, कमिश्नर भानू चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी डा. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
पुलिस बल की तैनाती और योजना
नोडल अधिकारी एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि मेरठ जोन का पुलिस बल बीस फरवरी तक मेरठ पहुंच जाएगा जिसकी सूची तैयार की जा रही है। लखनऊ मुख्यालय से भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है।बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों के साथ व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात होने वाले पुलिस अधीक्षकों, उप-अधीक्षकों, निरीक्षकों, उप-निरीक्षकों, हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल की विस्तृत सूची सोमवार शाम तक अंतिम रूप से तैयार कर ली जाएगी।
विधानसभा 2027 के चुनाव से पहले शहर वासियों को मेट्रो की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोहिउद्दीनपुर में मेडा द्वारा विकसित की गई न्यू टाउनशिप पर जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में इसी टाउनशिप का भूमि पूजन किया था। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री शहरवासियों को नमो भारत (रैपिड) और मेट्रो की सौगात दे रहे हैं।
आठ फीट रहेगी मंच की ऊंचाई
आयोजकों के अनुसार मंच की ऊंचाई करीब 8 फीट रखी गई है। मंच की चौडाई बीस मीटर रखी गयी है। मंच के दोनो साइड दस-दस मीटर की जगह छोड़ी गयी है। जिससे मंच पर आने वाले वीवीआईपी आसानी से चढ़ सके।
पीएम के संबोधन को सुनने के लिए की जा रही समुचति व्यवस्था
करीब चार लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैले इस विशाल पंडाल में लगभग एक लाख लोगों के बैठने और खड़े होकर संबोधन सुनने की समुचित व्यवस्था की जा रही है। मुख्य पंडाल में प्रधानमंत्री का मंच होगा, जबकि बराबर में बनाए जा रहे सहायक पंडाल में अतिरिक्त भीड़ के लिए बैठने और खड़े रहने की अलग व्यवस्था रहेगी।
पंडाल निर्माण में जुटे मुजफ्फरनगर के गांधी टेंट हाउस के कर्मचारियों ने बताया कि जर्मन हैंगर को मौसम की संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मजबूत स्ट्रक्चर के साथ तैयार किया जा रहा है। पूरे परिसर में आधुनिक साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीपैड पर उतरकर विशेष गैलरी के माध्यम से सीधे मंच तक पहुंचेंगे। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे क्षेत्र को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में लिया जा रहा है। जनसभा को लेकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह चरम पर है। प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि कार्यक्रम ऐतिहासिक और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।



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