बजट और पूर्वानुमान
इलमा अज़ीम
एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी, जो उनका लगातार नौवां बजट होगा। खास बात यह है कि इस बार बजट रविवार को पेश होगा, जो पिछले कुछ सालों में कम ही हुआ है। पिछले साल सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को टैक्स फ्री करके आम लोगों को बड़ी राहत दी थी, और इस बार उम्मीदें और बड़ी हैं। राष्ट्रपति ने सरकार की सलाह पर संसद के दोनों सदनों को बजट सत्र के लिए बुलाया है।
यह सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र दो हिस्सों में होगा जिसमें पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक। इस दौरान बजट के अलावा कई महत्वपूर्ण चर्चाएं और कई महत्वपूर्ण बिल पास होने की उम्मीद है। पिछले बजटों में उन्होंने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं और क्या इस बार भी देश की आर्थिक दिशा तय करने में यह बजट अहम भूमिका निभाएगा? देश की आर्थिक स्थिति 2026-27 में गति पकडऩे की उम्मीद पकड़ सकती है।
आगामी केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन और कौशल विकास को प्रमुख प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर पैदा करना और स्किल ट्रेनिंग को मजबूत करना होगा। बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर भी जोर रहने की उम्मीद है।
उम्मीद की जा रही है कि सरकार आने वाले बजट में भी ऐसे प्रावधान करे जिससे देश के मध्यम वर्ग को ताकत मिले। सरकार लगातार श्रमिकों, किसानों, व्यापारियों को आगे बढ़ाने और उनकी आर्थिक शक्ति को मजबूत करने के लिए अहम उपाय करे, टैक्स दरों में बदलाव के साथ-साथ सस्ता कर्ज देकर उन्हें प्रगति करने के अवसर दिए गए हैं। बजट 2026-27 में भी केंद्र सरकार इसी तरह के उपाय कर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के कदम उठा सकती है। हर बार की तरह इस बार भी टैक्सपेयर्स को और छूट की आस है।




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