देश का सुरक्षा कवच

इमला अज़ीम 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनएसजी द्वारा विकसित 'राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली' (एनआईडीएमएस) का शुभारंभ किय। इसे आतंकवाद के खिलाफ अगली पीढ़ी का सुरक्षा कवच बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो यह राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म आईईडी से जुड़ी घटनाओं के डेटा को व्यवस्थित रूप से संकलित करेगा, जिससे जांच और विश्लेषण को मजबूत कर आंतरिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। 
भारत की पहली राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि यह आतंकवाद के खिलाफ अगली पीढ़ी का सुरक्षा कवच बनेगी और देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में आने वाले दिनों में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली तीन प्रमुख तरीकों से मजबूत होगी। गुरुग्राम के मानेसर स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) छावनी में एनआईडीएमएस का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। यह भारत की आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विरोधी और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 



एनएसजी द्वारा विकसित एनआईडीएमएस एक सुरक्षित, राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) से संबंधित डेटा का व्यवस्थित संग्रह, संकलन और प्रसार करना है। इसके साथ ही यह देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण के लिए एनआईडीएमएस आने वाले दिनों में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

 इसके अलावा, एनआईडीएमएस आतंकवाद के खिलाफ अगली पीढ़ी का सुरक्षा कवच बनेगा। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा एकत्र किए हैं, लेकिन अब तक वे अलग-अलग थे। अब हम इन सभी डेटा स्रोतों को आपस में जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। एनआईडीएमएस का शुभारंभ इस प्रक्रिया को गति देगा और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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