चप्पलों की अदला-बदली से तस्करी का खेल,पुलिस भी दंग
सैंडल के सोल में छिपाकर की जा र ही थी ड्रग्स की सप्लाई
जयपुर । ड्रग्स को सप्लाई करने के लिए तस्कर नये -नये हथंकडे अपना रहे है। जिसे देखकर पुलिस भी दंग हो रही है। जी हां राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे शातिर स्मैक तस्कर काे गिरफ्तार किया है जो सैंडल के सोल में स्मैक की तस्करी कर रहा था। आरोपी के पास से लगभग 4 लाख रूपये स्मैक बरामद की गयी है। पुलिस अब इस जांच पड़ताल करने में जुटी है। इस करोबार के तार कहां से जुडें है। ऐसे कितने लोग शामिल है जो इस तरह की के धंधे में लिप्त है।
आरोपी की पहचान राहुल खरे के रूप हुई है. वह झालावाड़ के अकलेरा के नया गांव का ही रहने वाला है। आरोपी की मंदिर में दूसरे तस्कर से सैंडल बदलने की प्लानिंग थी । लेकिन इससे पूर्व वह धरा गया । स्मैक सप्लाई करने का तरीका भी नया था। सैंडल को नीचे काट कर उसके अंदर स्मैक भरकर सप्लाई की जा रही थी। आरोपी की पहचान न हो सके इसके लिए नयाब तरीका अपनाया गया। जिसको स्मैक देनी है। स्थान तय कर वहां पर सैंडल छोड़कर निकल जाता था। दूसरा तस्कर स्मैक वाली सैंडल पहनकर वहां से निकल जाता था।
स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी झालावाड़ से एक युवक स्मैक लेकर आ रहा है। फिर पुलिस एक्टिव हो गई और आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। वह एक बस में सवार था। फिर उसे शिवदासपुरा में बस से नीचे उतार लिया गया।
कोड वर्ड रखा था ‘चीज’
आरोपी राहुल खरे को ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने तस्करी का पूरा तरीका सामने आया है। आरोपी ने बताया कि स्मैक की डिलीवरी के लिए उसने चीज शब्द को कोड वर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया था, ताकि बातचीत के दौरान किसी को शक न हो। यह कोड खास तौर पर फोन और मैसेज के जरिए संपर्क में रहने के लिए तय किया गया था।
मंदिर में सैंडल बदलने की थी प्लानिंग
आरोपी के मुताबिक, जयपुर पहुंचने के बाद उसे रिसीवर से सीधे मुलाकात नहीं करनी थी, बल्कि प्लानिंग के मुताबिक एक मंदिर में बुलाया जाना था। वहां दोनों की पहचान छिपाने के लिए सैंडल बदलने का तरीका अपनाया जाता, ताकि किसी तरह की पहचान या शक की गुंजाइश न रहे।इसके बाद स्मैक को दूसरे तस्कर के हवाले किया जाना था, जो शहर में इसकी सप्लाई करता।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।आरोपी से पूछा जा रहा है कि इससे पहले वह कितनी बार इस तरह की डिलीवरी कर चुका है और उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि स्मैक की सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी और इसके पीछे कितना बड़ा गिरोह एक्टिव है।


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