शंकराचार्य के अपमान पर इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट सस्पेंड

 शासन ने शामली किया अटैच
बरेली/लखनऊ (एजेंसी)।गणतंत्र दिवस पर सनसनीखेज तरीके से इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। शासन ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर को जांच सौंपी है। निलंबन की अवधि के दौरान अग्निहोत्री को शामली जिला मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
गौरतलब है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान और यूजीसी कानून 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने 5 पन्नों के त्यागपत्र में कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने इस्तीफे के पीछे मुख्य दो कारण बताए हैं। पहला शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई और उनके प्रति किए गए कथित अपमान से आहत होना और दूसरा यूजीसी  के नए कानून को लेकर असंतोष।
अलंकार अग्निहोत्री ने कल शाम जिलाधिकारी अविनाश सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की थी। बाहर निकलने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें वहां करीब 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। इसके तुरंत बाद रात 11 बजे उन्होंने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया।
कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन यह तय करेगा कि क्या उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए या उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल, प्रशासनिक हलकों में यह बहस छिड़ गई है कि क्या एक लोक सेवक का धार्मिक भावनाओं के आधार पर इस्तीफा देना सेवा नियमावली का उल्लंघन है।
इस्तीफे की खबर मिलते ही ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने देर रात अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बात की। शंकराचार्य ने अधिकारी के कदम की सराहना करते हुए कहा "पूरा सनातनी समाज आपसे प्रसन्न है। सरकार ने आपको जो पद दिया था, हम उससे भी बड़ा पद आपको धर्म के क्षेत्र में देंगे।"

डीएम चेंबर के सामने किया प्रदर्शन
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद दूसरे दिन मंगलवार को अलंकार अग्निहोत्री काफी आक्रामक नजर आए। सुबह उन्हें सरकारी आवास पर समर्थकों के साथ बैठक करने से रोके जाने और हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद अलंकार 11:30 बजे डीएम से मिलने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन कलक्ट्रेट का गेट बंद होने से वह समर्थकों के साथ गेट के पास ही जमीन पर बैठकर धरना देने लगे। लगभग घंटे भर वह जमीन पर ही बैठे रहे और उनके समर्थक नारेबाजी भी करते रहे।
इस बीच एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह और पुलिस के अधिकारी कलक्ट्रेट गेट पर ही मौजूद रहे, लेकिन वह लोग मीडिया के कैमरों से बचते नजर आए।

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