कैलाश प्रकाश स्पोर्टस स्टेडियम के सिथेटिक ट्रैक पर दौड़ते दिखाई देंगे एथलीट 

 फरवरी के अंत तक होने के आसार नजर आ रहे 

 विदेशी कैमिकल से बिछाई जा रही तीन लेयर 

 मेरठ।  कैलाश प्रकाश स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैंक निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लगभग 8 करोड़ की लागत से सिंथेटिक ट्रैक तैयार  होने के करीब है । संभावना जताई जा रही है। मार्च से इस ट्रेक पर एथलीट दौड‍़ते नजर आएंगे। कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की संभावना भी होती नजर आ रही है। 

 के कैलाश प्रकाश स्टेडियम से प्रशिक्षण हासिल करने वाले खिलाड़ियों ने जो वर्षों पहले सिंथेटिक ट्रैक का सपना देखा था।  वह सपना अब कहीं ना कहीं धरातल पर पूरा होते हुए दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-विदेश अनुसार कैलाश प्रकाश स्टेडियम परिसर में सिंथेटिक ट्रैक बनाने के निर्माण कार्य को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है।इसके लिए ट्रैक पर तीन लेयर बिछाई जा रही है। प्रथम लेयर तैयार हो गयी है। दो लेयर पर कार्य चल रहा है। लेयर बिछाने के लिए जर्मनी व फ्रांस से कैमिकल मंगा तैयार किया जा रहा है। ट्रैक पर एथलीट आराम से दैाड़ सके। इसके रबड के बारीक पीसों को ट्रेक् पर बिछाया जा रहा है। ट्रैक को बिछाने के दिल्ली के एक कंपनी कर रही है। 

 क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी  जितेन्द्र यादव  ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के दिशा निर्देश  के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय मानको के अनुरूप सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।  संबंधित कार्य संस्था द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।  उन्होंने बताया कि फरवरी के अंत तक ट्रैक से संबंधित संपूर्ण कार्य पूरा हो जाएगा।  इसके बाद मेरठ ही नहीं बल्कि वेस्ट यूपी से ताल्लुक रखने वाले सभी युवा खिलाड़ी यहां प्रैक्टिस कर पाएंगे। उन्हें दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं होगी।  उन्होंने बताया कि इस ट्रैक पर हर तरह के अंतरराष्ट्रीय सुविधा खिलाड़ियों को मिल पाएंगे। इसके बाद मेडल की श्रृंखला में भी मेरठ विश्व में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए नजर आएगा। 

आठ करोड रुपए से होगा निर्माण

 आरएसओ जितेन्द्र यादव ने  बताया कि आठ करोड़ से अधिक लागत से तैयार होने वाला 400 मी सिंथेटिक ट्रैक आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसके अलावा शॉट पुट, हाई जंप, डिस्कस थ्रो, भाला फेंक, लांग जंप सहित अन्य प्रकार की ट्रेक भी साथ ही अंतिम चरण में कार्य किया जा रहा है।  

मेडल में बढे़गी की भारत की संख्या 

अर्जुन अवार्ड से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी अलका तोमर ने सिंथेटिक ट्रैक निर्माण कार्य को लेकर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में मेरठ के खिलाड़ी और बेहतर परफॉर्म करते हुए नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि वह भी जब नेशनल प्रतियोगिता का आयोजन कैलाश प्रकाश स्टेडियम में होता था। उन्हें भी यहां सिंथेटिक ट्रैक की कमी महसूस होती थी। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से यहां से अर्जुन अवार्डी पारुल चौधरी,  अर्जुन अवार्डी अनु रानी, अर्जुन अवार्डी प्रीति पाल  एंव प्रियंका गोस्वामी सहित अन्य खिलाड़ी बेहतर परफॉर्म कर देश का नाम विश्व में रोशन कर रहे है। ऐसे में आने वाले समय में मेरठ से और भी ऐसे ही खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में परफॉर्म करते हुए नजर आएंगे।  क्योकि वह दिल्ली आने जाने में उनका समय अधिक लगता है। उस समय का बेहतर उपयोग करते हुए यही प्रशिक्षण कर सकेंगे। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में मेरठ ही नहीं  सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत,  सहित अन्य जनपद के खिलाड़ी भी प्रशिक्षण हासिल करते हुए नजर आते हैं. उन्हें भी बेहतर सुविधाएं सिंथेटिक ट्रैक के माध्यम से मिल पाएंगी। 

दर्शको को बैठने के लिए स्टेड पर बिछाया जा रहा मार्बल पत्थर 

 कैलाश प्रकाश स्पोर्टस स्टेडियम में अभी तक सीमेंट के स्टेंड थे। लेकिन स्टेडियम को आधुनिक रूप देने के लिए स्टेडियम के सभी स्टैड पर मार्बल पत्थर को लगाया जा रहा है। पहले के मुकाबले में अधिक चौडाई के पत्थर लगाए जा रहा है। जिससे दर्शक स्पोर्टस मीट के दौरान खेल का मजा ले सके। 

मुख्य द्वार को दिया जा रहा नया रूप 

 कैलाश प्रकाश स्पोर्टस स्टेडियम  के अंदर ही नहीं बाहरी क्षेत्र को नया रूप दिया गया है। मुख्य द्वार को अंर्तराष्ट्रीय स्तर का रूप  दिया जा रहा है। पुराने द्वार को तोड़कर अध्याधुनिक मुख्य द्वार बनाया जा रहा है। गार्डो के लिए रूप के साथ पानी पीने के लिए टंकी लगायी जा रही है। मुख्य द्वार सीसीटीवी कैमरे से लैस होंगे। 

 


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