लोकसभा ने समानांतर चुनाव समिति का कार्यकाल बढ़ाया

 बीजेडी सांसद ने की सत्र शिफ्ट करने की मांग
नई दिल्ली (एजेंसी)।
लोकसभा ने गुरुवार को उस संसदीय समिति का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया, जो लोकसभा और राज्यों की विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव कराने से जुड़े बिलों की जांच कर रही है।
समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा करने वाली संयुक्त समिति के कार्यकाल को 2026 के बजट सत्र के आखिरी सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
यह प्रस्ताव आवाज (वॉइस) वोट से पास हो गया। बता दें कि यह समिति पिछले साल दिसंबर में बनी थी और तब से अब तक कई संवैधानिक विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और विधि आयोग के अध्यक्ष दिनेश महेश्वरी समेत कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर चुकी है।
दिल्ली की खराब हवा को लेकर बीजेडी के राज्यसभा सांसद मनस रंजन मंगराज ने गुरुवार को संसद में शीतकालीन सत्र को दूसरे शहर में शिफ्ट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक दिल्ली की हवा सुधर नहीं जाती, तब तक संसद का शीतकालीन और बजट सत्र दिल्ली से बाहर किसी अन्य शहर में आयोजित किया जाए। उन्होंने दिल्ली की हर साल होने वाली प्रदूषण की समस्या को मानव-निर्मित आपदा बताया। ओडिशा के रहने वाले मंगराज ने जीरो आवर के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जैसे उनका राज्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में तेज और अनुशासित तरीके से काम करता है, वैसे ही दिल्ली के प्रदूषण पर भी तुरंत और गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।
मंगराज ने कहा कि मैं ओडिशा से आता हूं, जो चक्रवात और बाढ़ जैसी आपदाओं से बेहतरीन तरीके से लड़ता है। लेकिन जो मुझे परेशान करता है, वह है दिल्ली। सांसद ने कहा कि सांसदों, अधिकारियों, ड्राइवरों, सफाई कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को रोज जहरीली हवा में काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम उनकी परेशानी अनदेखी नहीं कर सकते। इसे सामान्य नहीं कह सकते।  उनका कहना था कि हर साल प्रदूषण के चरम समय में संसद सत्र कराना लोगों की जान को खतरे में डालना है।
मंगराज ने कई ऐसे शहरों का सुझाव दिया जहां हवा बेहतर है और सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जैसे भुवनेश्वर, हैदराबाद, गांधीनगर, बंगलूरू, गोवा और देहरादून। उन्होंने कहा कि अगर ओडिशा कुछ ही घंटों में लाखों लोगों को चक्रवात से पहले सुरक्षित जगह पहुंचा सकता है, तो भारत सरकार भी अपने सांसदों और कर्मचारियों की सेहत बचाने के लिए दो संसद सत्र दूसरी जगह करा सकती है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts