2026  में मेरठ को लगेंगे  विकास के पंख 

 मेरठ । 2025 भूली बिसरी यादों के साथ चला  गया। गत वर्ष  मेरठ के लोगों को काफी उम्मीद थी लेकिन उनकी कुछ उम्मीद पूरी हो गयी लेकिन   कुछ मामलो में उम्मीद पूरी नहीं हो पायी है। उम्मीद  की जा रही है 2026 उनकी उम्मीद पूरी हो जाए । 

परतापुर स्थित भीम राव आंबेडकर हवाई से शहर के लोग हवाई जहाजों के संचालन  का सपना सजों कर बैठे थे। हवाई पटटी विमान उड़ान भर सके इसके लिए  राज्य सभा सांसद डा. लक्ष्मी कांत वाजपेयी ने काफी प्रयास किए ।केन्द्रीय उडडयन मंत्री के साथ पत्रचार किया गया। लेकिन जेवर का हवाई उडडा शुरू होने से परतारपुर की हवाई पटटी से विमान उड़ान नहीं भर सके। नये साल में भी इसकी उम्मीद कम नजर आ रही है। 

 मेरठ साऊथ से मोदीपुरम तक रैपिड व नमो भारत 

दिल्ली के अशोक नगर से मेरठ साऊथ तक रैपिड व नमो भारत का संचालन आरंभ होने के साथ लोगों को यह उम्मीद  जगने लगी थी। मेरठ साऊथ से मोदीपुरम तक  रेैपिड व नमोभारत का संचालन आरंभ हो  जाएगा। रेल सेल्फी कमिश्नर ने मेरठ साऊथ से मोदीपुरम तक टैक का निरीक्षण किया। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गुप्ता दिसम्बर तक मोदीपुरम तक रैपिड व नमोभारत के संचालन का आश्वान देते रहे। लेकिन साल समाप्त होने तक मेरठ साऊथ से मोदीपुरम तक रैपिड व नमोभारत का संचालन नहीं हो सका। दोनो ट्रेन ट्रैक पर ट्रायल के खुब दौडी  लेकिन यात्री उनमें सवार नहीं हो सके। अब 2026 में शहर वासियों को संचालन की उम्मीद दिखाई दे रहे है।

 न शुरू हो पाया शूटिंग रेंज  न ही एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रेक 

  कैलाश प्रकाश स्पोर्टस स्टेडियम में करोड़ों की लागत से तैयार हुए शूटिंग व एथलेटिक्स सिथेटिक ट्रेक तैयार नहीं पाया। खिलाड़ियों को उम्मीद थी इस साल के अंत में दोनो तैयार जाएगे। इसके कारण शूटरों व एथलेटिक्स को अन्य  जिलो जाने के मजबूर होना पड़ता है। आरएसओ जितेन्द्र यादव के अनुसार 2026 में सिंथेटिक ट्रेक व शूटिंग रेंज पर खिलाडी  निशाना साधते व दौड़ते नजर आएंगे। 

ज्वेलरी पार्क से चमकेगा मेरठ, कई गुना बढ़ेगा काम

 वेदव्यासपुरी में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क/फ्लेटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स के निर्माण से न सिर्फ ज्वेलर्स को कारोबार में नई गति मिलेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी शुद्धता और बेहतर दाम का फायदा मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि अगले साल मेरठ को ज्वेवरी पार्क का तोहफा मिलेगा, जो मेरठ को ज्वेलरी हब बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल  का कहना है  कि वर्तमान परिस्थितियों को देखकर उम्मीद है कि साल 2026 में ज्वेलरी पार्क का सपना पूरा होगा। राजनीतिक गलियारों से ज्वेलरी पार्क बनाने की मांग में काफी मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात की गई थी, उन्होंने निर्देश भी जारी किये। ज्वेलरी पार्क बनने के बाद एकही छत के नीचे हर कार्य हो सकेगा मेरठ यूपी और उत्तर भारत का एक प्रमुख सर्राफा केंद्र है। बिक्री आम दिनों में भी आठ से दस करोड़ का कारोबार होता है परंपरा और भरोसा शहर सर्राफा बाजार दशकों से भरोसे और पुरानी परंपराओं के लिए जाना जाता है। व्यापक कारोबार यहां करीब 2000 दुकाने-शोरूम, 30,000 कारीगर जुड़े हुए हैं, सालाना कारोबार करीब 500 करोड़ से अधिक तक का है।

कताई मिल के सुलझेंगे धागे, बढ़ेगा कारोबार

 कताई मिल पर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना का प्रस्ताव शासन स्तर पर अटका मुख्य वजह कताई मिल को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन होना है। उद्योग विभाग के अफसरों का मानना है कि जिस तरह से कोर्ट में पूरे मामले की पैरवी की जा रही है समीटकरते हैं कि अगले साल कानूनी पेचिदगियों में कताई मिल के उलझे धागे सुलझ जाएंगे।उद्यमियों की मांग पर यहां नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई। उद्यमियों की मांग को वाजिब मानते हुए उद्योग विभाग ने 89 एकड़ भूमि में इसका प्रस्ताव तत्कालीन मंडलायवन डॉ प्रभात कुमार के माध्यम से  शासन को भेजा, लेकिन इस समय मामला कोर्ट में विचाराधीन है। दरअसल बुनकर यहां अधिकार चाहते हैं। बुनकर एसोसिएशन का कहना है कि यह कताई मिल है और इसके बंद होने से हजारों बुनकरों से आय का जरिया छिन गया, लिहाजा इस पर पहला हक बुनकरों का है, जिनके लिए यहां कलस्टर विक्रमित होना चाहिए।






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