मुस्लिम परिवार ने मांगी सीएम से मदद
बोला- पाई-पाई जोड़कर मकान लिया:,हिंदू इलाके में घर खरीदा तो लोग विरोध पर उतरे
मेरठ। हिंदु से मकान खरीदने वाले मुस्लिम परिवार ने हिदूओं के विरोध के बाद मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगायी है। मुस्लिम परिवार का कहना है कि पाई पाई जोड़ी। ब्याज पर पैसा उठाया। बैंक से लोन लिया और पत्नी के जेवर बेच दिए। फिर भी पैसे की कमी पड़ी तो पुराने मकान का अपना हिस्सा बेच दिया। तब जाकर यह मकान खरीदा। अगर अब यह घर लौटा देता हूं तो अपने बच्चों को कहां लेकर जाऊंगा?'
अस्पताल में भर्ती थापर नगर में मकान खरीदने वाले मोहम्मद सईद अहमद कहना है । ब्लड प्रेशर बार-बार अप-डाउन हो रहा है। डॉक्टरों ने कुछ और जांचें लिख दिए हैं, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं है। यह सब उसी हंगामे की देन है जो पिछले तीन दिन से शहर में हो रहा है।दरअसल, सईद अहमद ने 1.46 करोड़ रुपए में मकान खरीदा है। यह मकान हिंदू बाहुल्य इलाके में है, लेकिन यहां रहने वाले लोग सईद अहमद का विरोध जता रहे हैं।
बड़े मकान में रहने का देखा सपना
भावुक होते हुए मोहम्मद सईद ने बताया कि जिस मकान में वह रहते आ रहे हैं, वह केवल 25 मीटर जमीन पर बना है। 60-70 साल से परिवार वहां रहता आ रहा है। अब छोटा पड़ने लगा था। तमाम दुश्वारियां झेली, लेकिन बड़े घर में रहने का सपना देखा। अब वह सपना पूरा हुआ तो कुछ लोग उसे तोड़ रहे हैं। जबकि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत मकान खरीदा है।
अपने बच्चों को लेकर कहां जाऊंगा
अस्पताल में भर्ती सईद अहमद बताते हैं कि नरेश कालरा दूध सप्लाई के उसी कारोबार से जुड़े थे, जिसे वह कर रहे थे। दोनों का अच्छा खासा तालमेल था। तभी नरेश कालरा परिवार ने मकान उसे दिया। बड़े मकान में आने के लिए अपना पुराने मकान का हिस्सा भी बेच दिया। अब अगर यह मकान छोड़ते हैं तो अपने बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। वह मकान नहीं छोड़ सकते। अब परिवार और समाज कहेगा, वह मैं करूंगा।
अफसाना बोलीं- सरकार करे हमारी मदद
1 करोड़ 46 लाख रुपए लगाने के बाद भी अफसाना घर से बाहर हैं। वह डरी हुई हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रही हैं। अफसाना का कहना है कि उन्होंने सबकुछ बेचकर मकान के लिए रकम जुटाई। मकान मिल भी गया लेकिन कुछ लोग बेवजह माहौल खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों से पुलिस प्रशासन सख्ती से निपटे और हमें हमारा मकान दिलाए।
अब एक नजर पूरे मामले पर
मामला थापरनगर इलाके का है,जहां रहने वाले नरेश कालरा ने कुछ महीने पहले अपने मकान को बेचने की प्रक्रिया शुरू की। तीन दिन पहले उस मकान को मोहम्मद सईद अहमद ने खरीद लिया। तभी से हंगामा जारी है। विरोध है कि मकान मुस्लिम को कैसे बेच दिया। हालांकि विरोध कालरा परिवार का नहीं खरीदार सईद अहमद का हो रहा है। थापर नगर से लेकर थाने तक हंगामा हुआ। लगातार यही प्रयास किया जा रहा है कि सईद अहमद मकान वापस लौटाएं।
पत्नी अफसाना के नाम से कराई रजिस्ट्री
26 तारीख को कालरा परिवार ने मकान की रजिस्ट्री कर दी। सईद अहमद ने मकान की रजिस्ट्री पत्नी अफसाना के नाम कराई। नरेश कालरा की पत्नी वीना कालरा व बेटे अनुभव कालरा ने मकान की रजिस्ट्री अफसाना के नाम कर दी। जमीन की कीमत एक करोड़ तय हुई, जिसमें 6 प्रतिशत के हिसाब से 6 लाख रुपए के स्टाम्प लगे। एक प्रतिशत की कोर्ट फीस की रसीद मिलाकर कुल 7 लाख रुपए रजिस्ट्री में खर्च हुए।
मीट फेंकने के बाद माहौल गरमाया
तीन दिन से मामला गर्म है। पहले थाने पर हिंदू संगठन का हंगामा और विरोध। फिर रविवार सुबह थापर नगर के गुरुद्वारे के बाहर शरारती तत्वों ने मीट फेंककर माहौल और गरमा दिया। इस प्रकरण के बाद मकान खरीदने वाले सईद अहमद का परिवार और ज्यादा डरा हुआ है। हालांकि पुलिस उस आरोपी की तलाश कर रही है, जिसके द्वारा यहां मीट फेंका गया। इस मामले में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के सचिव की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।


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