व्यापारियों का आरोप: नए कमर्शियल और औद्योगिक कनेक्शन में हो रही देरी

मेरठ। कमर्शियल और औद्योगिक नए कनेक्शन में लगातार हो रही देरी से नाराज़ व्यापारियों ने अब खुलकर अपनी आवाज़ बुलंद कर दी है। राष्ट्रीय उद्योग व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता से पांडव नगर स्थित ऊर्जा भवन कार्यालय में मिला और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय जैन अरिहंत ने किया।

उन्होंने कहा कि “व्यापारी और उद्योगपति प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण उन्हें नए कमर्शियल और औद्योगिक कनेक्शन के लिए महीनों तक भटकना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि नए निवेश पर भी रोक लग रही है।” प्रदेश अध्यक्ष सचिन चोपड़ा ने कहा कि मेरठ के तिरुपति इंडस्ट्रियल एस्टेट में अब तक इंडस्ट्रियल फीडर की व्यवस्था नहीं की गई है।

उन्होंने सवाल उठाया, “क्या व्यापारी वर्ग सिर्फ सरकार और विभागों के राजस्व का स्रोत है? अगर उन्हें बुनियादी सुविधाएं ही नहीं दी जाएंगी तो उद्योग कैसे आगे बढ़ेगा?” चोपड़ा ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द तिरुपति इंडस्ट्रियल एस्टेट को इंडस्ट्रियल फीडर से जोड़ा जाए, ताकि वहां कार्यरत सैकड़ों यूनिट्स को निर्बाध बिजली मिल सके।क्षेत्रीय अध्यक्ष निपुन अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो व्यापारी वर्ग इस “शोषण” के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।

बैठक में गुरनाम सिंह और नितिन जैन भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने एमडी से आग्रह किया कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए।व्यापारी वर्ग का कहना है कि अगर सरकार “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” की बात करती है, तो उसे “ईज़ ऑफ गेटिंग इलेक्ट्रिसिटी” पर भी उतनी ही गंभीरता से काम करना होगा, तभी उद्योगों की रफ्तार को असल ऊर्जा मिल सकेगी।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts