दिल्ली धमाका
दिल्ली धमाके के बाद -कश्मीरी छात्र-छात्राओं का सत्यापन शुरु
मेरठ। दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए बम धमाके के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। धमाके की जांच में "डॉक्टर मॉड्यूल" नामक नेटवर्क का नाम सामने आने के बाद पुलिस, एलआईयू व इंटेलिजेंस विभाग ने प्रदेशभर में सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में मेरठ में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों का विस्तृत सत्यापन अभियान शुरू किया गया है।
मेरठ के विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व तकनीकी संस्थानों में वर्तमान में लगभग 600 कश्मीर मूल के छात्र अध्ययनरत हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन छात्रों के दस्तावेज़, पते, पारिवारिक विवरण और गतिविधियों का रिकॉर्ड जांच रही हैं। इसका उद्देश्य किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की समय रहते पहचान करना है।
संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले
शहर में अकेले रह रहे 150 कश्मीरी छात्रों का सत्यापन भी अलग से किया जा रहा है। एलआईयू और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में किसी भी छात्र के खिलाफ देश विरोधी या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह सत्यापन एक नियमित सुरक्षा प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की अनहोनी या आतंकी गतिविधि को रोकना है।
पूर्व में मेरठ में पढ़ रहे कुछ कश्मीरी छात्रों पर देशद्रोह के मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके बाद से स्थानीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां समय-समय पर संवेदनशील समूहों का सत्यापन करती रही हैं। दिल्ली धमाके में "डॉक्टर मॉड्यूल" के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी है।
फिलहाल, सुरक्षा टीमें सभी शिक्षण संस्थानों से समन्वय स्थापित कर छात्रों का चरणबद्ध सत्यापन कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है और किसी भी छात्र के साथ भेदभाव या अनावश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है।


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