देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा में सेना का है महत्वपूर्ण योगदान- जनरल सुमित राणा (जीओसी)

- आईआईएमटी विवि में जनरल सुमित राणा (जीओसी) ने छात्रों को किया संबोधित

मेरठ। बाहरी दुश्मनों से मुकाबला करने के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी भारतीय सेना बखूबी निभा रही है। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए जनरल सुमित राणा, जनरल कमांडिंग ऑफिसर (जीओसी, पश्चिम यूपी सब एरिया), भारतीय सेना ने कहा की देश का भविष्य युवाओं पर निर्भर है। लक्ष्य निर्धारित करें, कड़ी मेहनत कर रोल मॉडल बनें, सामाजिक मूल्यों और जिम्मेदारी निभा कर सच्चे भारतीय नागरिक की भूमिका निभाएं।

आईआईएमटी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों की भूमिका’ विषय पर एक अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनरल सुमित राणा, जनरल कमांडिंग ऑफिसर (जीओसी पश्चिम यूपी सब एरिया), भारतीय सेना का स्वागत आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता व प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल ने किया। कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा की भारतीय सेना के उच्चाधिकारी का विश्वविद्यालय में आगमन हमारे लिए गर्व की बात है। जीओसी जनरल सुमित राणा के संबोधन से निश्चित ही छात्रों को भारतीय सेना के बारे में जानने का अनूठा अनुभव प्राप्त होगा।

छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जनरल सुमित राणा, जनरल कमांडिंग ऑफिसर (जीओसी) ने कहा कि आजादी के बाद भारतीय सेना ने विभिन्न युद्धों में अपनी काबिलियत दिखाई और दुश्मनों को परास्त किया। कारगिल वॉर में मेजर विक्रम बत्रा ने अपनी बहादुरी से दुश्मनों को मार गिराया। सिंदूर अभियान और सर्जिकल स्ट्राइक में भारतीय सेना की ताकत और रणनीतिक कौशल को दुनिया ने देखा। रक्षा ़क्षेत्र में भारत आज आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। आज भारत अनेक देशों को भारतीय हथियार बेच रहा है। भारतीय सेना तकनीक खासकर एआई के क्षेत्र में भी निरंतर प्रगति कर रही है।

जनरल सुमित राणा (जीओसी) ने कहा कि देश की सुरक्षा करने के भारतीय सेना आंतरिक दुश्मनों का भी मुकाबला करती है। देश में आई आपदाओं में भी भारतीय सेना नागरिकों के जान-माल की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी भारतीय सेना विभिन्न प्रकार से कार्य करती है। सैनिक स्कूल, आर्मी स्कूल, आरएमसी अनुशासित युवा बनाता है। भारतीय सेना मेें लैंगिक भेदभाव के बिना महिलाओं को भी कार्य करने के समान अवसर दिए जाते हैं। अग्निपथ योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ अनुशासित नागरिक भी बनाया जाता है। युवा ही देश का भविष्य हैं। आज विश्व काबिल लोगों को तलाश रहा है। लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत करें। रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में कार्य करें। अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाएं। जनरल सुमित राणा (जीओसी) ने छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी जवाब दिया।

आईआईएमटी विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल ने जनरल सुमित राणा (जीओसी) का आभार व्यक्त करते हुए कहा की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ भारतीय सेना, सामाजिक जिम्मेदारी भी कुशलता से निभा रही है। आईआईएमटी परिवार भारतीय सेना का आभार व्यक्त करता है जिसकी बदौलत हम दुश्मनों से सुरक्षित हैं।

कुलपति डॉ0 दीपा शर्मा ने मुख्य अतिथि महोदय को आईआईएमटी विश्वविद्यालय की उपलब्धियों व सामाजिक हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल आयोजन विश्वविद्यालय की आईक्यूएसी निदेशक वत्सला तोमर के नेतृत्व में हुआ। निदेशक प्रशासन डॉ0 संदीप कुमार का विशेष सहयोग रहा।

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