नन्हें कदम बड़े सपने -यही है असली बाल दिवस 

मेरठ। बाल दिवस के अवसर पर बेटियाँ फाउंडेशन द्वारा  अंबेडकर शिक्षा सदन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे  नन्हे बच्चों ने अपनी मासूमियत और प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया। बच्चों ने छोटी-छोटी गतिविधियाँ, नृत्य प्रस्तुतियाँ और प्रेरक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने भीतर छिपे आत्मविश्वास और सृजनात्मकता को उजागर किया।

कार्यक्रम में बच्चों ने स्वच्छता, पर्यावरण और नैतिक मूल्यों पर नाट्य प्रस्तुति दी, जिससे यह संदेश गया कि बचपन केवल खेल का नाम नहीं, बल्कि संस्कार और सपनों की पहली सीढ़ी है।मस्ती भरे कार्यक्रम से सभी बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और जोश देखकर उपस्थित जन भावविभोर हो उठे। संस्था ने बच्चों को उपहार एवं खाने का सामान वितरित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। आज बचपन बोला मैं ही तो भविष्य हूं"सुधा अरोड़ा ने कहा कि यह बाल दिवस सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि यह याद दिलाने का दिन था कि हर बच्चे में भविष्य की एक नई किरण बसती है।इस अवसर पर संस्था से शशिबाला, सचिव शिवकुमारी गुप्ता, डॉ क्षमा चौहान, बबीता कटारिया, अंजु पांडेय, कुसुम शर्मा, नीरा गुप्ता आदि का सहयोग रहा

No comments:

Post a Comment

Popular Posts