राहुल की हत्या को प्रेमी ने 55 सौ में तमंचा, तीन हजार खरीदे थे 10 कारतूस 

-दो नवंबर को अगवानपुर गांव के जंगल में मिला था शव, तीन गोली लगी थी

 -परीक्षितगढ़ पुलिस राहुल की पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है

मेरठ। अवैध संबंधों का विरोध करने पर राहुल को ठिकाने लगाने के लिए उसकी पत्नी व प्रेमी ने कई दिन पहले योजना बना ली थी, लेकिन हत्या को अंजाम देने के लिए हथियार नहीं मिल रहा था। राहुल की हत्या से तीन दिन पहले प्रेमी ने अपने दोस्त से 55  सौ रुपये में 315 बोर का तमंचा और तीन हजार में दस कारतूस खरीदे थे, ताकि वारदात के समय कारतूस मिस न हो जाए। पुलिस ने रविवार को हथियार सप्लाई करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

 परिक्षितगढ़ थाना प्रभारी विजय कुमार राय ने बताया,  दो नवंबर को अगवानपुर गांव के जंगल से राहुल का गोली लगा शव मिला था। उसके तीन गोली लगी थी। छानबीन के दौरान पता चला था कि राहुल की पत्नी अंजली के गांव के ही अजय कुमार से अवैध संबंध थे, जिसका राहुल विरोध करता था। राहुल को ठिकाने लगाने के लिए अंजली व उसके प्रेमी अजय ने हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन प्रेमी अजय को हथियार नहीं मिले रहे थे। इसके लिए आरोपी अजय ने अपने दोस्त दिलीप निवासी खेड़ी गांव, थाना दौराला से संपर्क किया और दिलीप को बताया था कि अंजली के पति राहुल ने दोनों के मिलने पर रोक लगा दी है। इसलिए राहुल को ठिकाने लगाने के लिए अच्छा हथियार चाहिए, जिसकी गोली वारदात के समय मिस न हो। राहुल की बात सुनने के बाद दिलीप मदद के लिए तैयार हो गया। थाना प्रभारी ने बताया, हत्या से कुछ दिन पहले दिलीप ने अजय को 55 सौ रुपये में  315 बोर का तमंचा और तीन हजार रुपये में दस कारतूस बेचे थे। इसी हथियार से अजय ने राहुल की घर से बुलाकर तीन गोलियां मारकर हत्या की थी। पुलिस राहुल की पत्नी अंजली व उसके प्रेमी अजय कुमार को छह नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि हथियार की सप्लाई करने वाला दिलीप फरार चल रहा था। उसे भी पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समझ पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया।   

राहुल की हत्या की दिलीप को थी जानकारी

पुलिस ने अजय को हथियार बेचने वाले दिलीप को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है। दिलीप ने कुबूला कि उसने ही राहुल की हत्या के लिए अजय को तमंचा व कारतूस बेचा था। उसे अजय व अंजली के अवैध संबंधों और राहुल की हत्या के बारे में पता था। पुलिस का कहना था कि दिलीप ने जानबूझ कर पूरी जानकारी को छिपाया था। अगर वह समय रहते पुलिस को बता देता तो राहुल की हत्या नहीं होती। 

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