जेल में बंद लोग मेरे परिवार के - चन्द्र शेखर 

सांसद चंन्द्रशेखर जिला कारागार में बंद बंद कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे

 जेलर ने गेट पर हाथ जोड़ किया नमस्कार 

 मेरठ। गुरूवार को  आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद गुरूवार  को चौ. चरण सिंह  जिला जेल पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी समेत 17 गुर्जर नेताओं से मुलाकात की।  जिन्हें 21 सितंबर को दादरी महापंचायत के दौरान पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार किया था।

जेल गेट पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने नगीना सांसद को हाथ जोड़कर नमस्ते किया। इसके बाद चंद्रशेखर ने जेल के मेन गेट से एंट्री की। इस दौरान उन्होंने समर्थकों से कहा, जेल में बंद लोग मेरे परिवार के हैं। उनके लिए मैं खून-पसीना बहा दूंगा।

चंद्रशेखर आजाद के काफिले को मेरठ में घुसने के बाद पांच जगह रोका गया। सिवाया टोल प्लाजा पर एसपी क्राइम ने रोका। वहां से काफिले की चार गाड़ी आगे भेजी गईं। इसके बाद चंद्रशेखर की गाड़ियों को मोदीपुरम फ्लाई ओवर के पास रोका गया। यहां नगीना सांसद को गाड़ी से भी उतरना पड़ा।

कैंट में गांधी बाग के पास भी चंद्रशेखर के काफिले को रोका गया। इन तीनों जगह पर चंद्रशेखर और उनके कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई। बताया जा रहा है कि पहले जेल में मिलने की अनुमति नहीं मिली थी। ऐन वक्त पर मिली परमिशन के बाद सांसद चंद्रशेखर कार्यकर्ताओं से मिलने मेरठ जेल पहुंचे।



जेल के रास्ते में भारी पुलिस बल तैनात

जिला कारागार की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दो स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर के कार्यालय से पहले की गई बैरिकेडिंग पर ही पार्टी कार्यकर्ताओं को रोक दिया जाएगा। केवल चंद्रशेखर आजाद समेत पांच लोगों को ही जेल तक जाने की अनुमति दी गई ।

चंद्रशेखर से पहले मेरठ जेल पहुंचे ऊर्जा राज्य मंत्री

चंद्रशेखर आजाद के जेल पहुंचने से लगभग तीन घंटे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर भी जेल में बंद गुर्जर नेताओं से मुलाकात की। इसे लेकर भी राजनीतिक गलियारों में कई स्तर पर कयास लगाए जा रहे हैं।

क्या था पूरा मामला

गुर्जर समाज ने 21 सितंबर को दादरी के मंडौरा में महापंचायत बुलाई थी। इसमें मेरठ सहित सहारनपुर, नोएडा, मुजफ्फरनगर से लेकर पश्चिमी यूपी के आसपास के जिलों के गुर्जर नेता पहुंचे थे। पंचायत में गुर्जरों के हक, टिकटों में भागीदारी जैसे तमाम मुद्दों पर बातचीत होना तय थी। लेकिन पंचायत शुरू होते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। लोगों को अरेस्ट करना शुरू कर दिया।पुलिस ने लोगों को डंडा लेकर खदेड़ा, इससे लोग भड़क गए। पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। पूरे मामले में 22 लोगों को पुलिस लाइन ले जाया गया। इसमें 5 को छोड़ दिया गया। जबकि 17 लोगों को जेल भेज दिया गया। इसमें आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी सहित अन्य 16 लोग हैं।

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