स्टूडेंट कॉन्शियस क्लब (एससीसी) ने एससीआरआईईटी में किया आयोजन

 प्रमुख सहयोगी रहे ऑनलाइन व्यापार 3.0 तथा अनस्टॉप

मेरठ। सीसीएसयू परिसर स्थित सर छोटू राम इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीआरआईईटी) में स्टूडेंट कॉन्शियस क्लब (एससीसी) द्वारा “एमयूएन महाभारत” नामक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन को प्रमुख सहयोग ऑनलाइन व्यापार 3.0 तथा अनस्टॉप से प्राप्त हुआ।

Model united nation(एमयूएन) एक शैक्षिक मंच है, जिसमें विद्यार्थी संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली का अनुकरण करते हुए विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं और संवाद, डिबेट तथा नीति-निर्माण की कला सीखते हैं। “एमयूएन महाभारत” इसी अवधारणा पर आधारित विशेष आयोजन रहा, जिसमें भारतीय महाकाव्य महाभारत की शिक्षाओं को आधुनिक कूटनीतिक विचार-विमर्श और नेतृत्व क्षमता से जोड़ा गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रोफेसर नीरज सिंघल द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल तर्क वितर्क का मंच नहीं है, बल्कि युवाओं को विचार-विमर्श और नेतृत्व के मूल्य सीखने का अवसर देता है। इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को सशक्त करती हैं। प्रशासनिक अधिकारी डॉ. के.पी. सिंह ने कहा कि ऐसे मंच छात्रों की सोच को व्यापक बनाते हैं और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।

कार्यक्रम के समन्वयक शिक्षक इंजी. प्रत्युष उपाध्याय ने महाभारत की शिक्षाओं को वर्तमान जीवन से जोड़ते हुए कहा कि महाभारत शब्दव्यूह केवल कथा नहीं, बल्कि नीति, धर्म और न्याय का गहन संदेश देता है। विशेष अतिथि डॉ. अंचल चौहान की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।

कार्यक्रम के अंत में श्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कृष्ण पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ राजनयिक के रूप में विभाग बीजेएमसी के एकलव्य तोमर को प्रदान किया गया। शकुनि पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ प्रत्युत्तर के लिए रसायन अभियांत्रिकी विभाग के आलोक यादव को मिला। वहीं वेदव्यास पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ स्थिति पत्र हेतु बी.टेक ईसीई के शनि तोमर को दिया गया। इन सम्मानों ने यह स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट संवाद, विश्लेषण तथा नेतृत्व कौशल का परिचय दिया।

इस सफल आयोजन में स्टूडेंट कॉन्शियस क्लब की पूरी टीम का योगदान रहा। अध्यक्ष प्रताप कुमार, उपाध्यक्ष चेतन चौहान तथा सचिव मंडल के सदस्य अनन्या, अंकित, रिमझिम, आर्यन, आकाश, आदित्य, दिव्या, शगुन, कृष्णा और जयेश सहित सभी कार्यकर्ताओं की लगन और सामूहिक प्रयास से यह आयोजन ऐतिहासिक बन सका।

“एमयूएन महाभारत” ने यह प्रमाणित किया कि महाभारत की शिक्षाएँ आज भी समाज और युवा पीढ़ी के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं। यह आयोजन केवल ज्ञान और कौशल का आदान-प्रदान नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नेतृत्व, नीति, धर्म, न्याय और सामाजिक चेतना की भावना को भी गहराई से स्थापित करने वाला सिद्ध हुआ।

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