भारतीयों के डिपोर्टेशन पर संसद में हंगामा
हाथों में हथकड़ी पहनकर विपक्ष ने किया प्रदर्शन
नई दिल्ली (एजेंसी)।
संसद के दोनों सदनों में आज भी हंगामा हो रहा है। विपक्ष अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीय अप्रवासियों के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने अमेरिका से कथित अवैध प्रवासियों को वापस भारत भेजे जाने के मुद्दे पर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और विरोध प्रदर्शन में शामिल कई अन्य विपक्षी सांसदों ने अपने हाथों में हथकड़ी पहन रखी थी। उन्होंने ‘देश का अपमान नहीं सहेंगे’ और ‘मोदी सरकार हाय हाय’ के नारे लगाए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेता प्रदर्शन में शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि भारतीयों को अमेरिका ने बेड़ियों में बांधकर, दास की तरह वापस भेजा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने भारतीयों को यह सपना दिखाया था कि भारत विश्वगुरु बन गया है, लेकिन आज सरकार इस मुद्दे पर चुप्प है।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि भारतीय सरकार को यह बताना चाहिए कि भारतीयों को अपनी मातृभूमि छोड़ने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा। उनके मुताबिक, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह डिपोर्ट किए गए नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे और उन्हें सम्मानजनक तरीके से उनके देश वापस लाए। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों के साथ ऐसा बुरा व्यवहार करना पूरी तरह से गलत है।
इसके अलावा विपक्ष ने महाकुंभ हादसे का मुद्दा भी उठाया है। इसे लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर से शुरू हुई। हालांकि, हंगामे की वजह से लोकसभा को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बतायास कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर दोपहर दो बजे संसद में अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीयों के मुद्दे पर जवाब देंगे।


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