बाढ़ से त्रस्त लोग

 इलमा अजीम 
विभिन्न राज्यों में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भारत ही नहीं, पड़ोसी देश नेपाल में भूस्खलन के बाद दो बसें उफनती नदी में गिर गई, जिससे 62 लोगों के लापता होने की सूचना है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को आठ सौ गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए, जिसमें करीब चालीस लाख लोगों पर इसका असर पड़ा है। पीलीभीत के एक डैम का पानी छोड़े जाने से दर्जनों गांव जलमग्न हो गए। गांवों में चार से पांच फीट तक पानी भर जाने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। कई स्थानों पर राप्ती नदी खतरे के निशान को पार कर बह रही है, जिससे कई गांवों पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। 


लाखों हेक्टेयर में खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। कई जगह कटाव के कारण जलभराव देखा गया है। दूसरी ओर उत्तराखंड में बारिश कहर बनकर बरस रही है। पिछले पांच दिन से लगातार जारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से करीब दो सौ से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे चिंताजनक हालात चारधाम मार्ग पर है। दूसरी ओर मौसम विभाग ने देश के सत्रह राज्यों में भारी बारिश का अंदेशा जताया है। इन राज्यों में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर भी शामिल हैं। समुद्र तट से लगने वाले कुछ राज्यों में बिजली गिरने व तूफान की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है। कुछ इलाकों में मछुआरों को समुद्र तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।लेकिन शासन-प्रशासन समय रहते कोई ठोस रणनीति नहीं बना पाता है।

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