क्वांटम सक्षम डिसीजन मार्कर करेंगे जटिल समस्याओं का समाधान: डॉ प्रमोद कुमार

- यूएई के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ0 प्रमोद ने दिया विशेष व्याख्यान 

मेरठ। भौतिक विज्ञान विभाग चौघरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर सीवी रमन सभागार में आबूधाबी यूएई से आए हुए डॉ प्रमोद कुमार द्वारा विशेष व्याख्यान दिया गया। डॉ0 प्रमोद कुमार ने यह विशेष व्याख्यान फोटोनिक इंटेलीजेंस पर आधारित क्वांटम सक्षम डिसीजन मैकर पर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि फोटॉन के माध्यम से हम जटिल कंप्यूटेशनल समस्याओं को हल कर सकते हैं। साथ ही फोटॉन एक इंटलीजेंट चरित्र रखता है। जिसके माध्यम से हम भविष्य में इसका इस्तेमाल कठिन समस्याओं को हल करने व निर्णय लेने में सक्षम होगा। यह बात आबूधाबी स्थित क्वांटलेज प्रयोगशाला के निदेशक डॉ प्रमोद कुमार ने अपने विशेष व्याख्यान के दौरान कही। 

उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में लेजर फोटॉन की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी। वैज्ञानिक अटोसेक लेजर पलस जेनरेटर पर शोध कर रहे हैं। इस शोध से व्यवसायिक स्तर पर डिवाइस बनाने का मार्ग प्रशास्त होगा। कहा कि फोटॉन पर आधारित डिसीजन मैकर भविष्य में साइबर सिकयोरिटी क्वांटम कंप्यूटिग क्वांटम क्रिप्टोग्राफी जैसे महत्वपूर्ण शोध के क्षेत्रो में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। शोध निदेशक प्रो0 बीरपाल सिंह ने डॉ प्रमोद का परिचय कराते हुए कहा कि डॉ प्रमोद कुमार ने कोविड महामारी के दौरान कोविड इंफेक्शन को टेस्ट करने के लिए लेजर स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक पर आधारित डिवाइस का निर्माण किया था। जो कोविड महामारी के दौरान काफी सराही गई। संपूर्ण यूएई में इसी डिवाइज से कोविड टेस्ट संपन्न कराए गए। उन्होंने कहा कि डॉ0 प्रमोद द्वारा किए गए उत्कृष्ट शोध  व नवाचार के अविष्कारों के लिए उन्हें वैश्विक स्तर पर इंटरनेशनल बिजनेस टाइम, फॉब्स जैसी संस्थाओं के द्वारा सम्मानित किया गया। फॉब्स ने हाल ही में टॉप 10 भारतीय सीईओ की सूची में डॉ0 प्रमोद को शामिल किया है। 

विभाग के छात्र छात्राओं ने डॉ0 प्रमोद से अनेकों प्रश्न पूछते हुए शोध के नवीन क्षेत्रों पर चर्चा की। डॉ0 प्रमोद ने छात्र व छात्राओं को इंटर्नशिप करते हुए विभिन्न फैलोशिप की जानकारी दी। वह पिछले साल से भौतिक विभान विभाग में विजिटिंट प्रोफेसर भी हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ कविता शर्मा ने किया। विभागाध्यक्ष डॉ अनिल मलिक ने डॉ प्रमोद का स्वागत किया। धन्यावाद ज्ञापन शोध निदेशक प्रो बीरपाल सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो अनुज कुमार, डॉ योगेंद्र कुमार गौतम, डॉ अनिल यादव, डॉ सीपी सिंह, मौजूद रहे।

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