आज समाज में विभिन्न प्रकार के नकारात्मक विचार पनप रहे-प्रो़  राजीव कुमार 

कांशीराम शोध पीठ में आर्ट ऑफ गिविंग संस्था के साथ तत्वधान में  कार्यक्रम का आयोजन 

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि  के अंतर्गत संचालित  कांशीराम शोध पीठ में आर्ट ऑफ गिविंग संस्था के साथ तत्वधान में बुधवार को  कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय कटरा से पधारे  संकाय अध्यक्ष कला एवं विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग प्रोफेसर सुपर्ण कुमार शर्मा ने अपने वक्तव्य में तृतीय  श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सम्मान करने की परंपरा को भारतीय संस्कृति की मौलिक भावना के अनुरूप बताया उन्होंने कहा इस तरह की विचारधारा ना सिर्फ समाज को जोड़ने का कार्य करती है बल्कि समाज में सद्भावना तथा प्रेम को नियमित रूप से बढ़ाने का भी कार्य करती है। 

 माता शाकुंभरी देवी विश्वविद्यालय के  के के जैन कॉलेज खतौली से आए प्रोफेसर राजीव कुमार कौशिक ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए तथा इस प्रकार के कार्यक्रमों को और अधिक मात्रा में कराए जाने का प्रस्ताव भी रखा उन्होंने कहा आज समाज में विभिन्न प्रकार के नकारात्मक विचार पनप रहे हैं ऐसे समय में अधिकारी और कर्मचारियों के बीच सद्भावना बढ़ाने के उद्देश्य से आर्ट ऑफ गिविंग की यह पहल एक अद्भुत विचार है। 



 इस अवसर पर बोलते हुए इस्माइल नेशनल स्नातकोत्तर महाविद्यालय मेरठ की अर्थशास्त्र विषय की अध्यापिका डॉ ममता सिंह ने आधुनिक समाज में युवा पीढ़ी की सोच में परिवर्तन हेतु तथा भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामो  को समझने हेतु आर्ट ऑफ़ गिविंग कि विचारधारा की आवश्यकता पर बल दिया। 

अर्थशास्त्र विषय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर जसवीर सिंह इस अवसर पर समाज के भीतर आपसी सद्भावना तथा प्रेम को बढ़ावा देने के लिए आर्ट ऑफ गिविंग के उद्देश्य एवं क्रियाकलापों अपने विचार रखे उन्होंने कहा भारत में अधिकारी तथा कर्मचारियों के बीच प्रोफेशनल लाइफ के अतिरिक्त हमें वर्ष में कम से कम एक बार उनके सम्मान हेतु सामने आना चाहिए जो वर्षभर हमारा सम्मान करते हैं। 

 इस अवसर पर कांशीराम शोध पीठ द्वारा विश्वविद्यालय के विभिन्न कर्मचारियों को इस अवसर पर बुके, पौधे प्रदान कर तथा शॉल द्वारा भी उनका सम्मान किया गया।कार्यक्रम की सफलता में मान्यवर कांशीराम शोध पीठ के  संजय कुमार,  जॉनी शर्मा, देवेंद्र कुमार का विशेष योगदान रहा ।  कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने एवं अतिथि अतिथि गणों में कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं मेहता को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण बताया तथा इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से कराने हेतु सुझाव भी प्रस्तुत किए । कांशीराम शोध पीठ के निदेशक दिनेश कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया ।  कार्यक्रम समाप्ति पर सभी का शोध पीठ एवं विश्वविद्यालय की ओर से आभार व्यक्त किया गया l


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