महापौर पर नरेंद्र कुमार का पर्चा निरस्त
अब 15 प्रत्याशियों में मुकाबला, नामांकन पत्रों की जांच में कैंसिल हुआ फार्म
मेरठ। मेरठ नगर निगम चुनाव में महापौर पद पर अब 15 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। 24 अप्रैल नामांकन के अंतिम दिन तक कुल 16 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेंद्र वशिष्ठ का पर्चा निरस्त हो गया। ऐसे में अब 15 प्रत्याशी ही मैदान में बचे हैं।
नरेंद्र वशिष्ठ का पर्चा जाति प्रमाणपत्र न लगाने के कारण निरस्त हुआ है। नरेंद्र वशिष्ठ ने पिछड़ा वर्ग के आधार पर पर्चा दाखिल किया था। जाति प्रमाणपत्र ही नहीं लगा पाए। प्रशासन ने जांच में उनका फार्म अधूरा पाया। उनको इसकी जानकारी भी दी गई। लेकिन वो जाति प्रमाणपत्र नहीं लगा सके इसलिए उनका फार्म कैंसिल कर दिया गया।
भाजपा से हरिकांत अहलूवालिया, सपा से सीमा प्रधान, कांग्रेस से नसीम कुरैशी, बसपा से हशमत मलिक, एआईएमआईएम से अनस कुरैशी, एनसीपी से शकील अहमद मलिक, बहुजन महादल से अफजाल, इंडियन मुस्लिम लीग से केसर अब्बास, निर्दलीय मुक्ता चौधरी, अनमोल, प्रदीप कुमार, सुरेंद्र सिंह, विकास मावी और अमीर अहमद मैदान में हैं।जांच में एआईएमआईएम के मेयर प्रत्याशी अनस की उम्र जांच में कम पाई गई। उम्र कम मिलने पर प्रशासन ने उन्हें सूचित किया और जानकारी मांगी, जांच में बाद में मैटर शॉर्ट हो गया। अपने सही कागजात पेश कर दिए और पर्चा बच गया। इसी तरह कांग्रेस से नसीम कुरैशी के अलावा एक और पर्चा दाखिल हुआ था। लेकिन वो प्रत्याशी कांग्रेस का सिंबल लेटर नहीं दिखा सके इसलिए उसके पर्चे को निर्दलीय में रखा गया है।
आज से शुरू होगी नामांकन पत्रों की समीक्षा
नामांकन पत्रों की समीक्षा 25 अप्रैल को होगी। प्रत्याशियों की नाम वापसी 27 अप्रैल तक होगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन 28 अप्रैल और वोटिंग 11 मई को होगा।
इस तरह से है रिजर्व सीटों का आवंटन
मेरठ नगर निगम मेयर पद इस बार पिछड़ृा वर्ग के लिए आरक्षित है। वर्तमान में सपा नेता योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा महापौर थी। सुनीता वर्मा ने 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीती। 2019 में बसपा छोड़कर सपा ज्वाइन कर लिया। सुनीता वर्मा 2000 में जिला पंचायत सदस्य भी रही हैं। पति योगेश वर्मा हस्तिनापुर से बसपा के टिकट पर विधायक रहे हैं। मेरठ नगर निगम में अब विस्तार के बाद 90 वार्ड हो गए हैं जबकि पहले इनकी संख्या 80 थी। नगर निगम में नए दस वार्ड बढ़ाए गए हैं।
नगर पंचायतों में आरक्षण की स्थिति
मेरठ की नगर पंचायतों की बात करें तो हस्तिनापुर अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई है। दौराला अनारक्षित,परीक्षितगढ़ अनारक्षित ,करनावल पिछड़ा वर्ग ,खरखौदा अनारक्षित,फलावदा पिछड़ा वर्ग और लावड़ पिछड़ा वर्ग महिला के आरक्षित की गई है। बहसूमा अनुसूचित जाति जबकि सिवालखास महिला, किठौर महिला और हर्रा नगर पंचायत अनारक्षित रखी गई है।


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