उपनिदेशक कृषि रक्षा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ मंडल स्तरीय एक दिवसीय कृषि रक्षा  प्रशिक्षण कार्यक्रम

विभिन्न कृषि फसल में रोग कीट नियंत्रण हेतु कृषकों को दी गई जानकारी

 मेरठ।  उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा मेरठ मण्डल मेरठ कार्यालय परिसर, दिल्ली रोड मेरठ में विभिन्न पारिस्थितिकीय संसाधनों द्वारा कीट रोग नियन्त्रण योजनान्तर्गत कृषकों एवं तकनीकी कर्मचारियों को एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन आईपीएम एवं कृषि रक्षा की नई तकनीकी जानकारी प्रदान करने हेतु उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा अशोक कुमार यादव की  अध्यक्षता में एक मण्डल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मण्डल के समस्त जनपदों के कृषि रक्षा अनुभाग के तकनीकी कर्मचारियों एवं कृषकों सहित कुल 50 प्रतिभागियों द्वारा भाग लिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि मोदीपुरम मेरठ के पादप रोग विज्ञान के सह.अध्यापक वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा. रमेश सिंह के द्वारा गेहूं की फसल में लगने वाले विभिन्न रोगों जैसे. पीला रतुआ, कण्डुआ, करनाल बट, गन्ने की फसल में लगने वालें लाल सड़न, पोक्का बोइंग रोग, राई सरसों में लगने वाले सफेद गेरूई एवं आलू की फसल में लगने वाले पछेती झुलसा, भूरा विगलन आदि रोगों से बचाव हेतु एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन की विभिन्न तकनीकी विधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। साथ ही उनके द्वारा बायोपेस्टीसाइड्स ट्राइकोडर्मा एवं स्यूडोमोनास के प्रयोग की विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की गयी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि मोदीपुरम मेरठ के कीट विज्ञान विभाग के सह.अध्यापक  वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा. हेम सिंह के द्वारा सरसों की फसल में आरा मक्खीए माहू चैंपा एवं दीमक, गन्ने की फसल में लगने वाले विभिन्न कीटों जैसे चोटी बेधक, तना बेधक आदि को आई.पी.एम. की विभिन्न तकनीकी विधियों को अपनाते हुये नियन्त्रण की विस्तृत जानकारी दी गयी। साथ ही उनके द्वारा बायोपेस्टीसाइडस जैसे ब्यूवैरिया बैसियाना, मेटाराइजियम आदि के माध्यम से रबी की फसलों में कीट नियन्त्रण की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।


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