सीएचसी भावनपुर में क्षय रोग को लेकर ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजनटीबी के लक्षण नजर आने पर तुरंत कराएं जांच. डा.रोहित
मेरठ। सामाजिक संस्था ग्रामीण समाज विकास केन्द्र के तत्वावधान में सहयोग से क्षय रोग के प्रति जागरूकता करने के उद्देश्य से रजपुरा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भावनपुर में गुरुवार को क्षय रोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 47 आशा कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया किया ।
कार्यशाला में उपस्थित भावनपुर सी.एच.सी के प्रभार चिकित्सा अधिकारी एमओआईसी डा. रोहित वर्मा ने बताया की .टीण्बी मरीज को दवाईयाँ नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। कार्यशाला में उन्होंने बताया गया की टी.बी 2 दो प्रकार की होती है एक पल्मोनरी टी.बी दूसरी एक्ट्रा पल्मोनरी टी.बी। फेफड़ों वाली टी.बी को पल्मोनरी टी.बी कहते हैं तथा गांठ वाली टीबी को एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी कहते हैं।
कार्यशाला में आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन गिरना, सीने में दर्द, खांसते समय बलगम या खून आना और जल्दी थकान होना क्षय रोग के लक्षण हो सकते हैं।गांव में किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण नजर आएं तो उसकी क्षय रोग की जांच अवश्य कराएं जांच में टीबी की पुष्टि होने पर तुरंत उपचार होना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग टीबी का उपचार मुफ्त करता है।उन्हें बताया गया कि टीबी के प्रति गांव गांव में लगातार जागरूकता फैलाना जरूरी है तभी वर्ष 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन हो सकेगा।
ग्रामीण समाज विकास केन्द्र के सचिव मेहरचन्द ने बताया कि .संस्था के अथक प्रयासों से अब तक 143 टीबी के 143 मरीज खोजे जा चुके हैं। जिनमें से 59 टीबी मरीज ठीक हो चुके हैं। संस्था ने द्वारा 20 टी.बी के 20 मरीजों को गोद लिया हुआ है। संस्था उन्हें प्रतिमाह न्यूट्रिशन स्पोर्ट सपोर्ट के लिये खाने की एक पोषण किट भी दी जाती उपलब्ध कराती है। इस किट में चना, दाल, सोयाबीन, कच्ची मूंगफली एक एक किलो दी जाती है।
संस्था ने रजपुरा ब्लॉक के गाँवों में 50 रिसोर्स ग्रुप बनाये गये हुए हैं जो कि अपनी अग्रिम कार्य योजना बनाकर कार्य करते रहे हैं। रिसोर्स ग्रुप समय समय पर गाँव में टीबी मरीजों को खोजने का कार्य किया जा रहा हैं। यदि गाँव में किसी भी व्यक्ति को टी.बी के लक्षण हैं तो रिसोर्स ग्रुप उस व्यक्ति को जांच के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक ले जाता है रहा है। उस व्यक्ति का 6 माह का इलाज भी रिसोर्स ग्रुप की देखरेख में होता है।
उन्होंने बताया कि .संस्था ने 45 रिसोर्स ग्ुा्रप को डॉट सेन्टर से जोड़ा है। रिसोर्स ग्रुप ने 25 डॉट सेंटरों को एक्टिव कराकर वहां दवाइयां रखवायी गयी हैं। जिसमें से ग्राम सिरौली में डॉ्. राम सिंह के डॉट सेन्टर को एक्टिव कराकर दवा रखी गयी है। डॉ. राम सिंह के यहाँ टी.बी मरीजों को दवाई दी जा रही है। कार्यशाला में भावनपुर के एम.ओ.आई सी डॉ. रोहित वर्मा, एस.टी.एस संजय, तथा ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सचिव मेहरचन्द एवं कोऑर्डिनेटर एनीमेटरस की भागीदारी रही।


No comments:
Post a Comment