लखनऊ में प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट में मेरठ को मिला 7 हजार करोड़ का लक्ष्य
एमएसएमई इकाइयों से सम्पर्क करने में जुटे विभाग के अधिकारीउद्यमी प्रदेश की औद्योगिक निवेश को बढावा देने हेतु अधिक से अधिक निवेश के प्रस्ताव जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र में करें प्रस्तुत. उपायुक्त उद्योग
मेरठ । यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाए जाने हेतु यूपी में प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट के लिये मेरठ जिले को ७ हजार करोड़ को लक्ष्य मिला है। इसके लिये मेरठ के अधिकारियों ने एमएसएमई इकाइयों से सम्पर्क आरंभ कर दिया है।
उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र दीपेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रदेश में माह फरवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट प्रस्तावित है। इस इन्वेस्टर समिट में देश विदेश के निवेशक प्रतिभाग करेंगे। प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने हेतु नई एमएसएमई नीति एवं टेक्सटाइल नीति का प्रख्यापन किया जा चुका है। अब प्रदेश में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाये जाने की ओर अग्रसर है।
उन्होने बताया इन्वेस्टर समिट हेतु जनपद मेरठ को 7000 करोड़ का लक्ष्य आवंटित हुआ है जिसके निवेश हेतु एमएसएमई इकाइयों से सम्पर्क किया जा रहा है। इस संबंध में विभाग द्वारा एक रोड शो का आयोजन 15.नवम्बर समय सांय 4:30 बजे से 7:30 बजे स्थान एफआईसीसीआई फेडरेशन हॉल तानसेन मार्ग, नई दिल्ली में एमएसएमई पॉलिसी.2022 टेक्सटाइल पॉलिसी.2022 उप्र बायो एनर्जी पॉलिसी.2022 व अन्य सुविधाओं के व्यापक प्रचार प्रसार तथा निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने हेतु उद्यमियों स्टेक होल्डर्स के साथ वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है।
एमएसएमई नीति.2022 में नई इकाइयों हेतु पूंजी उपादान, विस्तारीकरण विविधीकरण इकाइयों हेतु पूंजी उपादान के अतिरिक्त निजी क्षेत्र में नये एमएसएमई पार्क फ्लैट फैक्ट्री को भी इन्सेन्टिव प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। निजी क्षेत्र द्वारा 10 एकड़ अथवा उससे अधिक क्षेत्रफल के एमएसएमई पार्क,औद्योगिक एस्टेट,फ्लैटेड फैक्ट्री काम्पलैक्स;फ्लैटेड फैक्ट्री हेतु भूमि की न्यूनतम आवश्यकता 4000वर्गमी. को स्थापित करने की लागत हेतु लिए गए ऋण पर देय ब्याज की प्रतिपूर्ति के रूप में 7 वर्षों के लिए वार्षिक ब्याज का 50प्रतिशत तक अधिकतम 02 करोड़ प्रति वर्षद्ध दिया जाएगा, प्रदेश में स्थापित होने वाले सूक्ष्म उद्योग हेतु पूंजीगत ब्याज उपादान ऋण पर देय वार्षिक ब्याज का 50प्रतिशत अधिकतम 25 लाख प्रति इकाई 5 वर्षों के लिए दिया जाएगा। सूक्ष्म इकाईयों की स्थापना में पूंजी उपादान के साथ.साथ ब्याज उपादान भी उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। उन्होने जनपद के सभी औद्योगिक संगठनों एवं प्रतिष्ठित इकाईयों के उद्यमियों से अनुरोध किया है कि प्रदेश सरकार की औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने हेतु व्यापक हित में जारी नीतियों का लाभ उठाने हेतु अधिक से अधिक निवेश के प्रस्ताव जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, मेरठ में प्रस्तुत करने का कष्ट करें।


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