सीएम योगी ने बस्ती मंडल में किया बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण

 बोले- जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता

सिद्धार्थनगर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हम सबने पहली बार अक्तूबर में अप्रत्याशित बाढ़ को देखा है। अक्तूबर माह में जब फसल कटती है, रामलीलाओं का दौर चलता है तब फसलें डूब गई हैं। लोग छतों पर रहने को विवश हैं। इसके बावजूद किसी को भी घबराने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आपदा कि इस घड़ी में सरकार सभी पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। प्रकृति की त्रासदी का सामना कर राहत देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कहीं कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सिद्धार्थनगर, बस्ती और संतकबीनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। सिद्धार्थनगर डुमरियागंज तहसील के भनवापुर में मैहतिनिया गौशाला के निकट बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उनका हाल जाना और राहत सामग्री वितरित की। आश्वस्त किया कि हर संकट में सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को संतकबीरनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद धनघटा तहसील के छपरा मगर्वी में दिव्यांश पब्लिक स्कूल परिसर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद उनके बीच राहत सामग्री वितरित कर रहे थे। सीएम योगी ने आश्वस्त किया कि आपदा के इस काल में केंद्र व राज्य सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है। बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को बस्ती जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद हर्रैया तहसील के हिंगापुर में सर्वोदय विद्यालय परिसर में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरित कर रहे थे। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने उनका कुशलक्षेम पूछाऔर आश्वस्त किया कि हर पल सरकार उनके साथ हैं।
सिद्धार्थनगर में सीएम योगी ने दिया आश्वासन
हवाई सर्वेक्षण, बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात और राहत सामग्री वितरित करने के बाद सीएम योगी ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। दो तरह की किट में दी जा रही राहत सामग्री किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम सब्जी मसाला, एक लीटर रिफाइंड तेल, पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, एक किलो गुड़, 10 पैकेट बिस्कुट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती, दो नहाने का साबुन शामिल है। इसके अलावा 10 किलो आलू, पांच लीटर केरोसिन, पांच लीटर क्षमता के दो जरीकेन, 15 गुणे 10 फीट की एक तारपोलीन शीट भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को युद्ध स्तर पर राहत सामग्री वितरित करने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बाढ़ से जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक श्यामधनी राही, विनय वर्मा, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts